(अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सह प्रदर्शनी)
भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) 14-15 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में “भारतीय विद्युत क्षेत्र को एआई-सक्षम बनाना” विषय पर दो दिवसीय विचार-मंथन सम्मेलन (अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी) का आयोजन कर रहा है।
इस कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति निर्माता, उद्योगपति, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, अनुसंधानकर्ता और अन्य हितधारक शामिल होंगे। प्रतिभागी भारतीय विद्युत क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार-विमर्श करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संवाद को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और विद्युत मूल्य श्रृंखला में दक्षता, विश्वसनीयता, अनुकूलन और स्थिरता बढ़ाने के लिए एआई का लाभ उठाने हेतु व्यावहारिक मार्ग तलाशना है।
इस सम्मेलन में कई विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें एआई के माध्यम से पारंपरिक बिजली उत्पादन को अनुकूलित करना; एआई-आधारित नियामक सुधार; नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और ग्रिड अनुकूलन; वितरण और ट्रांसमिशन नेटवर्क का आधुनिकीकरण; ग्रिड स्थिरता और प्रणाली बहाली; रूफटॉप सोलर, माइक्रोग्रिड और मिनीग्रिड; ग्रीन डेटा सेंटर में एआई; साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा; मांग प्रतिक्रिया और उपभोक्ता भागीदारी; और एआई-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन शामिल हैं । कार्यक्रम में अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी और बिजली क्षेत्र में एआई, नवाचार और अवसरों पर एक विशेष युवा सत्र भी शामिल होगा, जो युवा नवोन्मेषकों और पेशेवरों को इस क्षेत्र में उभरते अवसरों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने और प्रौद्योगिकी आधारित विकास में देश को वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने के विजन के अनुरूप है। इससे सरकारी संस्थानों, बिजली कंपनियों, उद्योग, शिक्षा जगत और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही भारतीय विद्युत क्षेत्र को एआई-सक्षम बनाने के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
यह सम्मेलन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों को जिम्मेदारी से अपनाने के माध्यम से भारत के ऊर्जा परिवर्तन, सुरक्षा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में योगदान देने की उम्मीद है।
इस आयोजन में भाग लेने के इच्छुक सभी हितधारक सीईए की वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं।
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