दिल्ली-एनसीआर में डीजल जनरेटर सेटों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल
एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था और अन्य संबंधित कार्यों में उपयोग होने वाले डीजी सेटों पर आरईसीडी स्थापित किए जाएंगे, जिससे उनके संचालन के दौरान उत्सर्जन नियंत्रण उपायों को मजबूती मिलेगी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे पर पर्यावरण संरक्षण उपायों को सुदृढ़ करने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने द्वारका एक्सप्रेसवे के 8.7 किलोमीटर लंबे पैकेज-IV में तैनात 25 डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों पर रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण (आरईसीडी) स्थापित करने की पहल की है, जो बसई को खेरकी धौला/दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के क्लोवरलीफ चौराहे से जोड़ता है।
यह पहल दिल्ली-एनसीआर में डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों के नियमन संबंधी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप में लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण को कम करना है। द्वारका एक्सप्रेसवे पैकेज IV दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आता है, जहां सर्दियों में अत्यधिक वायु प्रदूषण होता है। इस अवधि के दौरान परिवेशी वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस क्षेत्र में संचालित डीजी सेटों के लिए नियमन और उत्सर्जन नियंत्रण उपायों को अनिवार्य किया है।
एक्सप्रेसवे की प्रकाश व्यवस्था और अन्य संबंधित कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले डीजी सेटों पर रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिससे इनके संचालन के दौरान उत्सर्जन नियंत्रण उपायों को मजबूती मिलेगी। इस प्रक्रिया में आरईसीडी की स्थापना, परीक्षण और चालू करना, साथ ही व्यापक रखरखाव सहायता शामिल है।
आरईसीडी की स्थापना राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और संचालन में पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत करने के लिए विशेष रूप से एनसीआर में स्थित परियोजनाओं के एनएचएआई के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। यह पहल यह सुनिश्चित करने में सहायक होगी कि राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित आवश्यक कार्यों के लिए आवश्यक डीजी सेट लागू नियामक ढांचे के अनुरूप उपयुक्त उत्सर्जन नियंत्रण प्रणालियों से सुसज्जित हों। एनएचएआई ने यह भी निर्दिष्ट किया है कि प्रत्येक डीजी सेट/स्थान पर रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण स्थापनाओं की जीपीएस-टैग वाली तस्वीरें सत्यापन और अनुपालन उद्देश्यों के लिए रखी जाएंगी।
दिल्ली-एनसीआर में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पर्यावरण संबंधी पहल, राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विस्तार और संचालन को वायु गुणवत्ता मानदंडों के अनुपालन को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
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