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व्यवसाय सुगमता के लिए डिजिटल ब्लूप्रिंट

व्यवसाय सुगमता के लिए डिजिटल ब्लूप्रिंट

व्यापार और नियामक दक्षता को निर्बाध रूप से सशक्त बनाना

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली ने अपने लॉन्च के बाद से 32 केंद्रीय विभागों और 32 राज्यों में 8,29,750+ अनुमोदन प्रदान किए हैं।MCA21 ने पांच वर्षों (2021–2025) में लगभग 3.84 करोड़ फाइलिंग दर्ज की हैं।उद्यम पोर्टल ने 7.71 करोड़ पंजीकरण सुगम बनाए हैं, जो 33.97 करोड़ नौकरियों का समर्थन करता है (12 फरवरी 2026 तक)।जीएसटीएन प्लेटफॉर्म ने जनवरी 2026 तक ₹102.91 लाख करोड़ से अधिक भुगतान की प्रोसेसिंग की है।गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ने वित्तीय वर्ष 26 में 4 लाख करोड़+ आदेश मूल्य दर्ज किया है (12 फरवरी     तक)।

परिचय

भारत ने अपने आर्थिक परिदृश्य की मौलिक रूप से पुनर्कल्पना की  है, जिसमें डिजिटल परिवर्तन को व्यवसाय विकास के एक महत्वपूर्ण इंजन के रूप में स्थापित किया गया है। व्यवसाय सुगमता (EoDB) में  सुधार के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, सरकार ने विनियमों को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत दक्षता को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधारों और प्रयासों को अपनाया है। सहज व्यवसाय पंजीकरण से लेकर वास्तविक समय के भुगतान प्रणाली तक, भारत का डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी व्यावसायिक संगठन अपने प्रवेश से लेकर विस्तार तक पूरे व्यवसाय जीवनचक्र को अभूतपूर्व गति और सुगमता के साथ सही दिशा में चलायमान कर सकें। एकीकृत प्लेटफार्मों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य-स्तरीय सुधारों में सामंजस्य स्थापित करके, भारत एक विश्वस्तरीय द्वार प्रदान करता है जहां विभिन्न् विभागों के बीच डेटा का सहजता से प्रवाह होता है, जिससे व्यापार करने का समय और लागत दोनों कम होते हैं।

इन सुधारों का प्रभाव भारत में बढ़ता निवेश प्रवाह और उद्यम विस्तार में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। जैसे-जैसे राष्ट्र अपने डिजिटल व्यापार और लॉजिस्टिक्स ढांचों को मजबूत करता जा रहा है,  उद्योगों के लिए वह एक सुरक्षित, कुशल और अत्यधिक लाभदायक गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है।

व्यवसाय पंजीकरण और नियामक ढांचा

भारत का उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचा व्यवसाय पंजीकरण को आसान बनाता है, जो प्रवेश की सुगमता को बढ़ावा देने वाला वातावरण तैयार करता है। केंद्रीय प्लेटफार्मों को राज्य-नेतृत्व वाले सुधारों के साथ सामंजस्य स्थापित करके, भारत उद्यमियों और व्यापारियों के विकास के लिए एक कुशल, पारदर्शी और विश्वसनीय द्वार प्रदान करता है।

A close-up of a sign

MCA21 संस्करण 3

भारत के कॉर्पोरेट परिदृश्य का MCA21 परियोजना द्वारा क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है, जो एक दूरदर्शी, एआई-चालित पहल है जो पारदर्शिता और व्यापार सुगमता को काफी बढ़ावा देता  है। यह प्लेटफार्म वर्ष 2006 से कंपनियों और एलएलपी के अंत-से-अंत पंजीकरण और इसमें शामिल होने वाली सेवाओं के लिए उपयोग किया जाता है। MCA21 संस्करण 3 में ईस्क्रूटिनीएडजुडिकेशन और ईकंसल्टेशनअनुपालन प्रबंधन प्रणाली और MCA लैब जैसी उन्नत सुविधाएं एकीकृत हैं। इसके अतिरिक्त, MCA21 V3 में संज्ञानात्मक चैटबॉटसक्षम हेल्पडेस्कमोबाइल ऐप्सइंटरएक्टिव उपयोगकर्ता डैशबोर्डयूआई/यूएक्स तकनीकों का उपयोग करके उन्नत उपयोगकर्ता अनुभवऔर एपीआई के माध्यम से सहज डेटा प्रसार को सुनिश्चित करना शामिल हैं।

एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस एपीआई विभिन्न सिस्टमों को एक-दूसरे से बात करने और एक साथ काम करने में सक्षम बनाने वाले एक पुल के रूप में कार्य करता है। यह सॉफ्टवेयर्स को कनेक्ट करने, डेटा एक्सेस करने या कार्यों का उपयोग करने की अनुमति देता है जैसे सूचना खोजना, विवरण प्राप्त करना, डेटा जमा करना, रिकॉर्ड अपडेट करना या क्रियाएं ट्रिगर करना इनमें शामिल हैं। 

पिछले पांच वर्षों (2021-2025) में, कुल लगभग 3.84 करोड़.फाइलिंग की गई हैं। और, जमा की गई जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता ISO 27001 मानकों का पालन करके और उपयोगकर्ताओं की पहचान सत्यापित करने के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन द्वारा सुनिश्चित की जाती है।

                                                                ISO 27001 मानक ISO 27001 सभी प्रकार और सभी क्षेत्रों के संगठनों को सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ISMS) स्थापित करने, उन्हें लागू करने, बनाए रखने और उनको निरंतर सुधारने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। ISO 27001 का अनुपालन दर्शाता है कि संगठन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सर्वोत्तम प्रथाओं और मानकों के अनुरूप डेटा सुरक्षा जोखिमों का प्रबंधन करने के लिए एक मजबूत प्रणाली लागू की है।. 

इसके अतिरिक्त, MCA21 पोर्टल से संबंधित शिकायतों को संबोधित करने के लिए एक हेल्पडेस्क तंत्र स्थापित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (31 जनवरी 2026 तक) के दौरान इस  पोर्टल पर 3,16,877 हेल्पडेस्क टिकट उठाए गए, जिनमें से लगभग 98% सफलतापूर्वक हल किए गए।[3]

उद्यम पंजीकरण पोर्टल

भारत का उद्यम पंजीकरण पोर्टल व्यापार सुगमता का प्रतीक है, जो एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) के लिए मुफ्त, पेपरलेस और स्व-घोषणा आधारित प्रणाली प्रदान करता है। सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) और जीएसटीएन (जीएसटी नेटवर्क) डेटाबेस के साथ कुशलतापूर्वक

12 फरवरी 2026, तक उद्यम पोर्टल ने 7.71 करोड़ पंजीयनों को सक्षम बनाया है और करीब  33.97 करोड़ नौकरियों के अवसर प्रदान किये है

एकीकरण करके, यह एक पूर्णतः डिजिटल, दस्तावेज़-मुक्त अनुभव प्रदान करता है जो प्रशासनिक बाधाओं को समाप्त करता है। 

 व्यवसाय सुधार कार्य योजना (BRAP) और जिला सुधार

मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे के समर्थन से, सरकार ने व्यवसाय सुधार कार्य योजना (BRAP) के माध्यम से EoDB सुधारों को और मजबूत किया है। BRAP को राज्यों के पार नियामक आवश्यकताओं की तुलना करने, अनुपालन बोझ को कम करने और अधिक व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। 

वर्ष 2015 से ही भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने, नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए BRAP को लागू कर रही है। अब तक, BRAP के 7 संस्करण पूरे हो चुके हैं, और आठवां संस्करण, BRAP 2026, 11 नवंबर 2025 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। जमीनी स्तर पर सुधारों को गहरा करने के लिए, डीपीआईआईटी ने जिला व्यवसाय सुधार कार्य योजना (D-BRAP) भी लॉन्च की है ताकि जिला स्तर पर EoDB को मजबूत किया जा सके।BRAP के तहत कुछ राज्य-विशिष्ट उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

                                                 BRAP के अंतर्गत राज्यों की उपलब्धियां
  केरलBRAP 2022 सर्वेक्षण में व्यवसाय और नागरिककेंद्रित सुधारों के तहत आकांक्षी (स्कोर 70% से नीचेऔर BRAP 2024 में तेज गति वाले (स्कोर 70%-80%)व्यवसाय पंजीकरण को सुव्यवस्थित कियाभूमि और कर प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण,पर्यावरणीय मंजूरी को सरल बनायाऔर नवीकरणीय ऊर्जा अपनानाकार्बनतटस्थ ग्राम पंचायतेंऔर जलाशयों का पुनरुद्धार। 
उत्तर प्रदेशBRAP 2022 और 2024 सर्वेक्षण में आकांक्षी,व्यवसाय प्रवेश में उत्कृष्ट (15-मिनट पंजीकरण)श्रम सक्षमकर्ता (40% अनुपालन में कमी)भूमि प्रशासन (50% तेज लेनदेन)25 क्षेत्रों में 434 सुधार हासिल किए
  तमिलनाडु BRAP 2022 और 2024 सर्वेक्षण में आकांक्षी,एकल-खिड़की पेश कीडिजिटल अनुमोदन के साथ भूमि सुधार, सौर पार्कों को बढ़ावा, डीकार्बोनाइजेशन योजनाएं,औद्योगिक अपशिष्ट उपचार प्रणालियों की प्रभावी निगरानी।
         आंध्र प्रदेशBRAP 2022 सर्वेक्षण में व्यवसाय और नागरिककेंद्रित सुधारों के तहत आकांक्षी और BRAP 2024 में तेज गति वालेएकलखिड़की औद्योगिक मंजूरी लागू की,ऑनलाइन भूमि पंजीकरण,पर्यावरणीय अनुमोदन,ऑनलाइन सहमति प्रबंधन और निगरानी प्रणाली का विस्तारजो फर्मों को सहमति के लिए आवेदन करने और अनुमोदनों को डिजिटल रूप से ट्रैक करने की अनुमति देता है।
मध्य प्रदेशBRAP 2022 सर्वेक्षण में व्यवसाय और नागरिककेंद्रित सुधारों के तहत आकांक्षी और BRAP 2024 में तेज गति वालेराष्ट्रीय पोर्टलों के साथ एकीकरणभूमि आवंटन को सरल बनायानाममात्र दरों पर तैयारनिर्मित औद्योगिक सुविधाएं प्रदान की

SPICe+ फॉर्म

SPICe+ फॉर्म एक एकीकृत वेब फॉर्म है, जो 3 केंद्रीय सरकार मंत्रालयों/विभागों और 3 राज्य सरकारों (महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल) तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र – दिल्ली द्वारा 11 सेवाएं प्रदान करता है। यह फॉर्म भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए कई प्रक्रियाओं, समय और लागत को बचाता है। इसमें 10 आवश्यक प्रक्रियाओं को समेकित किया गया है – जिसमें शामिल हैं

  • शामिलीकरण,
  • DIN आवंटन,
  • PAN जारी करना,
  • TAN जारी करना,
  • ESIC पंजीकरण जारी करना,
  • EPFO पंजीकरण जारी करना।
  • ESIC पंजीकरण जारी करना,
  • EPFO पंजीकरण जारी करना,
  • व्यवसाय कर पंजीकरण जारी करना (महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल), बैंक खाता खोलना,
  • GSTIN आवंटन (यदि आवेदन किया गया हो) और
  • दिल्ली में शामिल हो रही सभी नई कंपनियों के लिए दुकानें और प्रतिष्ठान का प्रथम पंजीकरण।Issue of ESIC Registration,.

यह कुशल प्रणाली, जिसमें वास्तविक समय डेटा सत्यापन की सुविधा है, कंपनियों के सहज शामिलीकरण के लिए ऑन-स्क्रीन फाइलिंग को सुगम बनाती है।

एकीकृत मंजूरी और पर्यावरणीय अनुमोदन

भारत ने केंद्रीय और राज्य स्तरों पर अनुमोदनों को डिजिटल स्वरूप में लाकर अपने प्रशासनिक ढांचे को परिवर्तित किया है। एकीकृत एकल-खिड़की पोर्टलों के माध्यम से, व्यवसाय इलेक्ट्रॉनिक रूप से नियामक यात्रा को नेविगेट कर सकते हैं, जिससे अभूतपूर्व पारदर्शिता और परिचालन गति सुनिश्चित होती है।

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली 

NSWS एक डिजिटल प्लेटफार्म है जो व्यवसाय आवश्यकताओं के अनुसार अनुमोदनों की पहचान और आवेदन करने में मार्गदर्शन प्रदान  करता है। यह व्यवसाय स्वीकृतियों को सुव्यवस्थित करने के लिए एक प्रमुख सुधार पहल के रूप में उभरा है, जिसमें अनुमोदन समयसीमाओं को कम करना, दस्तावेज़ भंडार की सुरक्षा और एकल डिजिटल द्वार के माध्यम से तेज क्वेरी प्रबंधन शामिल है। यह 32 केंद्रीय विभागों और 32 राज्य सरकारों के पार अनुमोदन प्रक्रियाओं को एकीकृत करता है, और इसमें 698 केंद्रीय तथा 7435 राज्य अनुमोदनों तक पहुंच है। NSWS ने अपने लॉन्च के बाद से 8,29,750 से अधिक अनुमोदन प्रदान किए हैं।

सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने, लागत कम करने और अनुपालन सरल बनाने वाली अन्य एकल-खिड़की डिजिटल प्लेटफार्म भी लॉन्च किए हैं।

अन्य एकल खिड़की डिजिटल प्लेटफार्म
  पी ए आर आई वी ई एस एच (प्रो एक्टिव एंड रिस्पोंसिव फैसिलिटेशन बाई इंटरैक्टिव वर्चुअस एंड एनवायरनमेंट सिंगल विंडो जब ) 3.0पर्यावरणीय मंजूरी और अनुमोदन के बाद अनुपालन निगरानी के लिए। यह बेसलाइन डेटा, वनीकरण भूमि बैंक, अंतर-मंत्रालयी डैशबोर्ड और एआई-सक्षम समर्थन को एकीकृत करता है ताकि पारदर्शिता, अनुमानितता और दक्षता को बढ़ाया जा सके।  
   ई-ग्राम स्वराज पोर्टल यह जीपी का पूरा प्रोफाइल प्रदान करने वाली एकल खिड़की प्रदान करता है, जिसमें सरपंच/सचिव का विवरण, जनसांख्यिकी, वित्त, संपत्तियां और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के माध्यम से की गई गतिविधियां शामिल हैं। एक एकीकृत रिपोर्टिंग और ट्रैकिंग प्लेटफार्म के रूप में कार्य करते हुए, यह विकेंद्रीकृत योजना को मजबूत करता है और विकास निधि उपयोग की प्रभावशीलता में सुधार करता है। 

 कराधानसीमा शुल्क और व्यापार सुविधा

भारत का डिजिटलकृत राजकोषीय और व्यापार बुनियादी ढांचा वस्तुओं की सुगम गति और अधिक कुशल कर अनुपालन को सुगम बनाकर व्यवसाय प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है। अनुमोदनों और ट्रैकिंग सिस्टम को उच्च-गति डिजिटल द्वारों पर स्थानांतरित करके, पारंपरिक बाधाओं को हटा दिया गया है, जिससे पारदर्शी व्यापार वातावरण का निर्माण हुआ है।

A diagram of a company's customs

जीएसटी नेटवर्क (GSTN)

जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) राष्ट्र का अब तक का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार है, जिसने विविध कर परिदृश्य को एक एकल, सुव्यवस्थित प्रणाली में एकीकृत किया। इसके डिजिटल रीढ़ की हड्डी के समर्थन से, जीएसटीएन प्लेटफार्म एक करोड़ से अधिक करदाताओं के लिए एक सिंक्रनाइज्ड इंटरफेस प्रदान करता है, जो सहज बी2बी इलेक्ट्रॉनिक इनवॉयसिंग सुनिश्चित करता है। जनवरी 2026 तक पोर्टल ने ₹102.91 लाख करोड़ से अधिक भुगतान की प्रोसेसिंग की। यह स्वचालित पारिस्थितिकी तंत्र एक पारदर्शी और कुशल राजकोषीय ढांचा तैयार करता है।

वे बिल

ई-वे बिल प्रणाली ने भारत में लॉजिस्टिक्स में क्रांति ला दी है, जिसमें कई राज्य-स्तरीय परमिटों को वस्तुओं की आवाजाही के लिए एकलइलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ से बदल दिया गया। इस सुधार ने स्थिर सीमा चेक पोस्टों को हटाया, परिवहन समय को काफी कम किया और कर अनुपालन में सुधार किया। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान वे बिल वॉल्यूम में सालाना 21% वृद्धि हुईजो जीएसटी के तहत मजबूत लेन-देन गति को दर्शाता है।

 ICEGATE (इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक गेटवे)

ICEGATE भारतीय सीमा शुल्क और व्यापार समुदाय के बीच सभी इलेक्ट्रॉनिक इंटरैक्शंस के लिए एक केंद्रीकृत हब के रूप में कार्य करता है। यह ई-फाइलिंगऑनलाइन संशोधन जमा करनाऑनलाइन शुल्क भुगतानक्वेरी समाधान और व्यापारियों के लिए एकीकृत गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) रिफंड प्रोसेसिंग जैसी सेवाओं की एक श्रृंखला प्रदान करता है। गेटवे सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके और सीमापार व्यापार में पारदर्शिता को बढ़ावा देकर व्यापार सुगमता को काफी बढ़ाता है।

ईसीओओ (उन्नत मूल प्रमाणपत्र) 2.0 प्रणाली

ईसीओओ 2.0 प्रणाली निर्यातकों के लिए प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाकर और व्यापार दक्षता को बढ़ाकर व्यापार सुगमता को काफी बढ़ाने वाला एक डिजिटल अपग्रेड है। एकल आईईसी के तहत मल्टी-यूजर एक्सेस, आधार-आधारित ई-साइनिंग, और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) संसाधनों के लिए एकीकृत डैशबोर्ड जैसी उपयोगकर्ता-अनुकूल सुविधाओं के साथ, प्लेटफार्म निरंतर व्यापार दक्षता सुनिश्चित करता है। “इन-ल्यू” मूल प्रमाणपत्र के लिए आसान ऑनलाइन आवेदनों की अनुमति देकर, प्रणाली एक अत्यधिक लचीला और पारदर्शी वातावरण प्रदान करती है।

TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम)

TReDS एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म है जो एमएसएमई के व्यापार रिसीवेबल्स के वित्तपोषण/डिस्काउंटिंग को कई वित्तपोषकों के माध्यम से सुगम बनाता है। ये रिसीवेबल्स कॉर्पोरेट्स और अन्य खरीदारों, सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs) से देय हो सकते हैं.

संघ बजट 2026-27 में TReDS एमएसएमई तरलता को बढ़ाने के लिए, संघ बजट 2026-27 ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों के लेन-देन निपटान के लिए TReDS को अनिवार्य करने और इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए क्रेडिट गारंटी तंत्र पेश करने का प्रस्ताव किया। इसके अतिरिक्त, GeM को TReDS से जोड़ना तेज वित्तपोषण को सुगम बनाता है, जबकि TReDS रिसीवेबल्स को एसेट-बैक्ड सिक्योरिटीज के रूप में पेश करना द्वितीयक बाजार के विकास में मदद करेगा और उन्नत लेन-देन निपटान को बढ़ावा देगा।. 

ट्रेड कनेक्ट ईप्लेटफार्म

ट्रेड कनेक्ट ईप्लेटफार्म सभी निर्यातकों, जिसमें एमएसएमई शामिल हैं, को व्यापक अंतरराष्ट्रीय व्यापार जानकारी और सेवाएं प्रदान करता है, जिससे उन्हें वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच मिलती है। यह भारतीय मिशनों की मदद से वैश्विक खरीदारों और भारतीय निर्यातकों के बीच सीधा कनेक्शन सक्षम बनाता है। यह निर्यातकों के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ एकल संलग्नता चैनल है और डिजिटल लर्निंग, जानकारी और एकीकृत प्लेटफार्म पर व्यापार खुफिया के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाता है। वर्तमान में, इसमें 19.25 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 28 लाख से अधिक मूल प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं (12 फरवरी 2026 तक)।.  पारदर्शी अंतसेअंत समाधान और कुशल आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुनिश्चित करते हैंजो राष्ट्र की श्रेष्ठ व्यापार सुगमता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।

लॉजिस्टिक्स और बाजार पहुंच

भारत की उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचा एकीकृत लॉजिस्टिक्स समन्वय और विस्तृत इलेक्ट्रॉनिक बाजार पहुंच के माध्यम से व्यवसाय वातावरण को मजबूत करता है। ये केंद्रीकृत प्लेटफार्म पारदर्शी अंत-से-अंत समाधान और कुशल आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुनिश्चित करते हैं, जो राष्ट्र की श्रेष्ठ व्यापार सुगमता के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान

अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान एकीकृत बुनियादी ढांचा योजना और मल्टीमोडल कनेक्टिविटी के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है। यह 57 केंद्रीय मंत्रालयों और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को 1,700 से अधिक डेटा लेयर्स के साथ एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म पर लाता है ताकि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समन्वित, डेटा-चालित योजना और कार्यान्वयन सक्षम हो सके।

पीएम गति शक्ति सार्वजनिक और एकीकृत भू-स्थानिक इंटरफेस निजी हितधारकों को 230 क्यूरेटेड डेटासेट प्रदान करता है, जो अधिक सूचित निवेश निर्णयों और लॉजिस्टिक्स योजना रणनीतियों का समर्थन करता है। अब तक, 27 राज्यों ने राज्य लॉजिस्टिक्स नीतियां अधिसूचित की हैं, और 28 आकांक्षी जिलों का उपयोग जिला मास्टर प्लान मॉड्यूल कर रहा है, जिसका विस्तार निकट भविष्य में सभी 112 आकांक्षी जिलों तक होगा।

पीएम गति शक्ति परियोजना चरण पर मल्टीमोडल एकीकरण और अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) के माध्यम से समन्वित योजना को संस्थागत बनाता है। फरवरी 2026 तक, NPG ने ₹16.10 लाख करोड़ मूल्य की 352 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया; 201 को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 167 कार्यान्वयनाधीन हैं।

परिवहन गलियारों, लॉजिस्टिक्स नोड्स और आर्थिक क्षेत्रों का समग्र मूल्यांकन सक्षम करके, योजना परियोजना विलंबों को कम करती है, संपत्तियों की डुप्लिकेशन को रोकती है, देश भर में मल्टीमोडल माल ढुलाई को मजबूत करती है, और व्यापार सुगमता को बढ़ाती है।.

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पोर्टल (मरीन)

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पोर्टल (मरीन) एक समुद्री एकलखिड़की प्लेटफार्म है जो निर्यातकों, आयातकों और सेवा प्रदाताओं के लिए अंत-से-अंत लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करके व्यापार सुगमता को काफी मजबूत करता है। यह “ओपन प्लेटफार्म” वैश्विक मानकों के अनुरूप है, जो जी2जीजी2बी और बी2बी मॉडलों को एकीकृत करता है ताकि दस्तावेजों का सुगम आदान-प्रदान और जहाज टर्मिनल गेट तथा कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) गेट लेन-देन का वास्तविक समय ट्रैकिंग हो सके। एकल-खिड़की प्रमाणीकरण डिवाइस के माध्यम से CFS और शिपिंग शुल्कों के लिए डिजिटल भुगतान सक्षम करके, भारत डिजिटल उद्यमिता को मजबूत कर रहा है। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाता है जहां कई मूल्य-संवर्धित सेवाएं और नवीन समाधान सहजता से बनाए और संचालित किए जा सकते हैं।

लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (LDB 2.0)

LDB 2.0 भारत की डिजिटल रूप से सशक्त अर्थव्यवस्था की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उन्नत प्लेटफार्म कंटेनर, ट्रक या ट्रेलर नंबरों का उपयोग करके सड़क, रेल और समुद्र के पार वास्तविक समय ट्रैकिंग और मल्टीमोडल दृश्यता प्रदान करता है, साथ ही यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफार्म (ULIP) एपीआई के साथ एकीकरण के माध्यम से रेलवे FNRs के लिए। यह देश के डिजिटल व्यापार बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत करता है।

उच्च समुद्र कंटेनर ट्रैकिंग और बाधाओं की पहचान के लिए लाइव कंटेनर हीटमैप पेश करके, LDB 2.0 लागत कम करने और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में सुधार करने वाला एक पारदर्शी, डेटा-चालित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करता है। ये प्रगतियां सीधे EoDB को बढ़ावा देती हैं, भारत की लॉजिस्टिक्स को अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाती हैं।.

GeM (गवर्नमेंट मार्केटप्लेस)

GeM देश भर के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को जोड़ने वाली एक डिजिटल खरीद प्रणाली में विकसित हो गया है, जिसमें महिला उद्यमी, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSEs), कारीगर, स्वयं-सहायता समूह (SHGs) और दिव्यांगजन शामिल हैं। GeM ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं, जिसमें वित्तीय वर्ष 26 (12 फरवरी 2026 तक) में 4 लाख करोड़+ आदेश मूल्य और 60 लाख+ आदेश वॉल्यूम शामिल है। दिसंबर 2021 से नवंबर 2025 तक, मॉड्यूल ने ₹2,200+ करोड़ मूल्य की नीलामियां सुगम बनाईं, 13,000 से अधिक नीलामियां आयोजित कीं, 23,000+ पंजीकृत बोलीदाताओं का स्वागत किया, और 17,000 से अधिक नीलामीकर्ताओं की भागीदारी सक्षम की।

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प्लेटफार्म ने तेज और अधिक लागत-प्रभावी लेन-देन के लिए प्रौद्योगिकी-चालित खरीद प्रक्रियाओं को लागू किया है, बीमा, जनशक्ति और माइन डेवलपमेंट एंड ऑपरेशंस (MDOs) जैसी नई सेवा ऊर्ध्वाधरों में विस्तार किया है.

ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स)

ONDC डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क्स पर वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के सभी पहलुओं के लिए ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देने वाली एक पहल है। यह भारत भर में विक्रेताओं, खरीदारों और सेवा प्रदाताओं, विशेष रूप से लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए समान अवसर का मैदान बनाने का लक्ष्य रखता है। ओपन प्रोटोकॉल को बढ़ावा देकर और एकाधिकारवादी प्लेटफार्मों पर निर्भरता को कम करके, ONDC डिजिटल कॉमर्स परिदृश्य में नवाचार और समावेशिता को उत्प्रेरित करने का लक्ष्य रखता है और इस प्रकार व्यापार सुगमता को बढ़ावा देता है। विक्रेता और सेवा प्रदाता 616+ शहरों में फैले हैं, जो ONDC नेटवर्क के भौगोलिक कवरेज का विस्तार कर रहे हैं। रक्षित तथा पारदर्शी डिजिटल इंटरैक्शंस के माध्यम से व्यापार सुगमता को बढ़ाता है।डिजिटल डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा

भारत में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) लोगों, व्यवसायों और सरकारों के बीच सुरक्षित और समन्वित इंटरैक्शंस को सक्षम बनाता है। यह एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र परिचालन घर्षण को नाटकीय रूप से कम करता है और तत्काल, सुरक्षित तथा पारदर्शी डिजिटल इंटरैक्शंस के माध्यम से व्यापार सुगमता को बढ़ाता है।

 UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस)

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UPI एक वास्तविक समय भुगतान प्रणाली है जो मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से बैंक खातों के बीच तत्काल धन हस्तांतरण को सक्षम बनाती है। UPI कई बैंक खातों को एक ही ऐप में लाता है और फंड ट्रांसफर, व्यापारी भुगतान और पीयर-टू-पीयर भुगतान अनुरोध जैसी विभिन्न सुविधाओं का समर्थन करता है, जो डिजिटल लेन-देन को तेज और सुविधाजनक बनाता है। यह सुरक्षित और तेज भुगतान के साथ व्यापार सुगमता को बढ़ावा देता है, गोपनीयता सुनिश्चित करता है और QR कोड सुविधा प्रदान करता है। प्रणाली एक ही प्लेटफार्म पर 691 बैंकों को जोड़ती है, जिससे लोग जिस बैंक का उपयोग कर रहे हैं उसके बारे में चिंता किए बिना आसानी से भुगतान कर सकते हैं। जनवरी 2026 में अकेले इसने 21.70 अरब लेन-देन किए, जिनकी राशि ₹28.33 लाख करोड़ थी। UPI अन्य सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे के साथ लेन-देन और अनुपालन लागत को कम करता है। 

                                                           UPI की अंतरराष्ट्रीय मान्यता अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जून 2025 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेन-देन वॉल्यूम के आधार पर विश्व के सबसे बड़े खुदरा तेज-भुगतान प्रणाली (FPS) के रूप में मान्यता दी।ACI वर्ल्डवाइड की ‘प्राइम टाइम फॉर रीयल-टाइम’ 2024 रिपोर्ट के अनुसार, UPI में वैश्विक रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली लेन-देन वॉल्यूम में लगभग 49% हिस्सेदारी है।इसने दैनिक लेन-देन प्रोसेसिंग में वीजा को पीछे छोड़ दिया।  UPI अब UAE, सिंगापुरभूटाननेपालश्रीलंकाफ्रांसमॉरीशस और कतर सहित 8 से अधिक देशों में लाइव हैजो भारत को डिजिटल भुगतानों में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करता है। इसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अपनाई रेमिटेंस को बढ़ावा दे रही हैवित्तीय समावेश को प्रोत्साहित कर रही हैऔर वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति को मजबूत कर रही है। 

cKYC (सेंट्रल नो योर कस्टमररजिस्ट्री

cKYC रजिस्ट्री वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड्स का एक केंद्रीकृत भंडार है, जिसमें एकसमान KYC मानक और क्षेत्र भर में KYC रिकॉर्ड्स की परस्पर उपयोगिता है। उद्देश्य ग्राहक द्वारा वित्तीय इकाई के साथ नया संबंध बनाने पर हर बार KYC दस्तावेज़ प्रस्तुत करने और सत्यापित करने का बोझ कम करना है। 

एंटिटी लॉकर

एंटिटी लॉकर एक प्रमुख पहल है जो संगठनों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिसमें डिजिटल दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों को संग्रहीत करने, साझा करने और सत्यापित करने के लिए एक सुरक्षित, क्लाउडआधारित प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाता है। डिजिटल परिवर्तन के लक्ष्यों के अनुरूप, एंटिटी लॉकर एक ‘डिजिटल सशक्तिकरण’ समाधान प्रदान करता है जो संगठनों को उनके डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट के माध्यम से प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुँच प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म व्यवसायों और संस्थानों के लिए सुरक्षित, कुशल और सुव्यवस्थित दस्तावेज़ प्रबंधन सुनिश्चित करता है।

एपीआई सेतू

एपीआई सेटू एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो सरकारी विभागों, निजी संगठनों, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को एपीआई की खोज, पहुँच और एकीकरण को आसानी से सक्षम बनाता है। यह डेवलपर्स को एपीआई बनाना, साझा करना और एकीकृत करने के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ प्रदान करता है। यह एप्लिकेशनों के पार तीव्रपारदर्शीसुरक्षित और विश्वसनीय सूचना साझाकरण को सक्षम बनाता है तथा नवाचार को बढ़ावा देता है। यह ईगवर्नेंस एप्लिकेशनों और सिस्टमों से उद्योग और जनता को डेटा की उपलब्धता के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करके व्यापार-अनुकूल वातावरण को सुगम बनाता है।

निष्कर्ष

भारत के डिजिटल सुधारों ने व्यवसाय वातावरण को मौलिक रूप से परिवर्तित कर दिया है, जिससे अनुमोदन, पंजीकरण और व्यापार प्रक्रियाएँ निर्बाध और कुशल हो गई हैं। उन्नत पारदर्शिता, तेज अनुपालन और वास्तविक समय डेटा प्रवाह ने संगठनों के आत्मविश्वास और परिचालन सुगमता को मजबूत किया है। मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा नवाचार को बढ़ावा दे रहा है, लागत कम कर रहा है, और व्यवसायों, नागरिकों तथा सरकार के बीच सुगम इंटरैक्शन को सक्षम बना रहा है। ये पहलें सामूहिक रूप से भारत को उद्यम स्थापना और विकास के लिए एक सुरक्षितकुशल और अत्यधिक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करती हैं।

संदर्भ

कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय

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वित्त मंत्रालय

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संसद.इन

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जीएसटी नेटवर्क

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