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केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने देश भर के EV लाभार्थियों और डिस्ट्रीब्यूटर से बातचीत की। भारत की सस्टेनेबल और आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव लाने वाली यात्रा पर रोशनी डाली


मंत्री ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सबको साथ लेकर चलने वाले, सस्ते और आर्थिक रूप से टिकाऊ बदलाव की अपील की। ​​उन्होंने लोकलाइज़ेशन, इनोवेशन, लागत में मुकाबला करने की क्षमता और ग्लोबल क्षमताओं पर ज़ोर दिया

लाभार्थियों ने ई-मोबिलिटी के लिए सरकारी नीतियों पर भरोसा जताया

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लाभार्थियों और वितरकों के साथ बातचीत की। इस बातचीत का आयोजन भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) द्वारा ईवी लाभार्थियों, वितरकों और उद्योग जगत के हितधारकों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और उनके उपयोग से संबंधित अपने अनुभव, दृष्टिकोण और विचार साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था

इस बातचीत में भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी; भारी उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी; मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी; ऑटोमोबाइल उद्योग के प्रतिनिधि; इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं, वितरकों और डीलरों; तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए इलेक्ट्रिक वाहन लाभार्थियों ने भाग लिया। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के अध्यक्ष श्री साई गिरिधर; सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के चेयरमैन–ईएमजी श्री सुशांत नाइक; और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की नामित अध्यक्ष श्रीमती अंजलि सिंह शामिल थीं।

इस कार्यक्रम में देश में बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम और स्वच्छ, टिकाऊ तथा आत्मनिर्भर परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। भारी उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी ने अपने स्वागत एवं उद्घाटन संबोधन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सरकार की मजबूत नीतिगत पहल पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के निर्माण के लिए स्थानीयकरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव और पीएलआई-ऑटो जैसी पहलें महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन घटकों के घरेलू विनिर्माण को समर्थन दे रही हैं।

आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के लिए सरकार प्रतिबद्ध

सभा को संबोधित करते हुए श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने टिकाऊ और आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में भारत की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र की निरंतर सेवा के लिए उनकी सराहना की।

केंद्रीय मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने और एक स्वच्छ, हरित तथा आत्मनिर्भर परिवहन इकोसिस्टम के निर्माण में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों और योजनाओं को लागू करने में भारी उद्योग मंत्रालय के प्रयासों की भी सराहना की।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने पीएम ई-ड्राइव योजना के बारे में बात की, जो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और चार्जिंग बुनियादी ढांचे को समर्थन देती है। उन्होंने पीएलआई-ऑटो और पीएलआई-एसीसी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकियों और बैटरी सेल के घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने मजबूत विनिर्माण, नवाचार और एक मजबूत इकोसिस्टम के सहयोग से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में समावेशी, किफायती और आर्थिक रूप से टिकाऊ बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छ परिवहन में योगदान देने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बधाई दी और बढ़ती स्थानीय सामग्री के साथ विश्वस्तरीय वाहनों के उत्पादन की दिशा में उद्योग के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने सभी हितधारकों से भारत के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप एक निर्बाध, सुलभ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने आगे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं और अन्य हितधारकों के जमीनी अनुभवों को सुनने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों और वितरकों से प्राप्त फीडबैक से नीति के कार्यान्वयन को और मजबूत करने तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम के विभिन्न क्षेत्रों में उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बदलते इलेक्ट्रिक वाहन परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए

कार्यक्रम को ऑटोमोबाइल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के अध्यक्ष श्री साई गिरिधर; सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के चेयरमैन–ईएमजी श्री सुशांत नाइक; और ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की नामित अध्यक्ष श्रीमती अंजलि सिंह ने बदलते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी परिदृश्य और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ते स्तर पर अपनाने के उद्योग के अनुभवों पर अपने विचार साझा किए।

इलेक्ट्रिक वाहन लाभार्थियों ने जमीनी अनुभव साझा किए

इस बातचीत के दौरान, देशभर के इलेक्ट्रिक वाहन लाभार्थियों ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर अपने विविध विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कम परिचालन लागत के साथ उनकी दैनिक आवाजाही और आजीविका में सहायता कर रहा है। ई-3डब्ल्यू चालक सुश्री सुनीता चौधरी ने अपनी आजीविका के लिए इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन के उपयोग तथा कम परिचालन लागत और ड्राइविंग के दौरान कम थकान के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने दैनिक यात्री परिवहन और स्वच्छ परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों की उपयुक्तता पर चर्चा की।

लाभार्थियों के विचारों से व्यक्तिगत आवाजाही, आजीविका, सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई के क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लाभों के बारे में जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उन्होंने भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को और मजबूत करने तथा अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार के निरंतर सहयोग और अनुकूल नीतियों पर भी विश्वास व्यक्त किया।

भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री कामरान रिजवी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा, “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारत के लिए वैश्विक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में एक प्रमुख देश बनने का बड़ा अवसर है।”

उन्होंने फेम-1 और फेम-2, पीएलआई ऑटो, पीएलआई-एसीसी, पीएम ई-ड्राइव, पीएम-ईबस सेवा (पीएसएम) और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना सहित प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उद्योग जगत से लागत प्रतिस्पर्धा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम ने भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को आगे बढ़ाने, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और एक मजबूत, टिकाऊ तथा आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम के विकास के माध्यम से विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस बातचीत ने सरकार, उद्योग, वितरकों और इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के बीच संवाद को मजबूत करने तथा स्वच्छ, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में भारत की यात्रा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का रूप लिया।

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