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प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर ने बेलगारिया और करमाटांड टाउनशिप में पुनर्वास और विकास कार्यों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर ने झरिया मास्टर प्लान (जेएमपी) के तहत पुनर्वास, आजीविका सृजन, कौशल विकास, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा के लिए धनबाद के दोदिवसीय दौरे के तहत जिले के बेलगड़िया और करमाटांड टाउनशिप का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान, श्री कपूर ने झरिया खदान की आग से प्रभावित परिवारों के लिए लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और पुनर्वासित परिवारों तथा स्थानीय निवासियों से बातचीत करके उनकी जरूरतों, उम्मीदों और चिंताओं को समझा।

यह दौरा बीसीसीएल की कामकाज से जुड़ी गतिविधियों, आधुनिक खनन तकनीक, झरिया में आग के प्रबंधन और झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा का हिस्सा था।

करमाटांड में शिक्षा और कौशल विकास की पहल

श्री कपूर ने दूसरे दिन की शुरुआत करमाटांड टाउनशिप के दौरे से की। उन्होंने वहां मिडिल/हाई स्कूल का निरीक्षण किया और छात्रों से बातचीत करके संस्थान में मौजूद शैक्षिक माहौल और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही, उन्होंने स्कूल परिसर में एक पौधा भी लगाया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बढ़ावा मिला।

इसके बाद श्री कपूर ने बीसीसीएल के मल्टी स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमएसडीआई-IV) का दौरा किया, जहां उन्होंने ब्यूटीशियन, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव और असिस्टेंट फिटर जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से बातचीत की। एमएसडीआई-IV सेंटर को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नौकरी पाने की क्षमता बढ़ाना और विस्थापित परिवारों के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

अब तक लगभग 800 युवाओं ने इन सेंटर्स में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जबकि 250 से ज्यादा प्रशिक्षु (ट्रेनी) अभी अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम ढाई से तीन महीने के होते हैं और प्रशिक्षण पाने वाले ज्यादातर लोगों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी या प्लेसमेंट मिल चुका है।

यह पहल पुनर्वास को टिकाऊ आजीविका के अवसरों से जोड़ने और पुनर्वासित परिवारों, खासकर उनके युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाने पर बीसीसीएल के लगातार ध्यान को दर्शाती है।

बेलगारिया में पुनर्वास और आजीविका से जुड़ी पहलों की समीक्षा

इसके बाद, एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बेलगारिया टाउनशिप का दौरा किया और पुनर्वास व विकास से जुड़ी विभिन्न पहलों की समीक्षा की। श्री कपूर ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और टाउनशिप में उपलब्ध सुविधाओं तथा आगे के विकास के लिए उनकी जरूरतों के बारे में उनकी राय जानी। निवासियों ने मौजूदा सुविधाओं के विस्तार और पुराने घरों को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

श्री कपूर ने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्वास कार्यक्रम का मकसद सिर्फ़ लोगों को दूसरी जगह बसाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि खदानों में लगी आग से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन-स्थितियां मिलें। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के आपसी सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास, रोज़गार, आजीविका के अवसरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के महत्व पर जोर दिया।

संयुक्त सचिव, वस्त्र मंत्रालय श्रीमती अलकनंदा दयाल ने पुनर्वास वाले इलाकों में स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जिसमें कपड़ा क्षेत्र के जरिए मिलने वाले अवसर भी शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर हाथ से बने फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल (तकनीकी कपड़ा) के क्षेत्र में उभरते अवसरों का उल्लेख किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

स्थानीय आजीविका और सामुदायिक विकास को प्रोत्साहन

इस दौरे के दौरान, श्री कपूर ने बीसीसीएल की सीएसआर और जेएमपी पहलों के सहयोग से ‘झारशिल्प’ (JharShilp) और ‘प्रोजेक्ट आरोही’ (Project Aarohi) के तहत स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में हस्तशिल्प और कारीगरों द्वारा बनाए गए कई तरह के उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे। ये उत्पाद स्थानीय समुदायों के कौशल और उद्यमशीलता की क्षमता को दिखाते हैं, साथ ही सामुदायिक पहलों के ज़रिए टिकाऊ आजीविका के मौकों को मजबूत करने की संभावनाओं को भी उजागर करते हैं।

झरिया विहार कॉलोनी के दौरे के दौरान, श्री कपूर ने अपग्रेड किए गए प्राइमरी स्कूल, हेल्थ सब-सेंटर और मॉडल आंगनवाड़ी सेंटर-सह-प्री-नर्सरी स्कूल का उद्घाटन किया। उन्होंने फेज-I में आरएसपी कॉलेज का भी दौरा किया और संस्थान के लिए प्रस्तावित बुनियादी ढांचे के उन्नयन (अपग्रेडेशन) और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की।

बेलगारिया में कौशल विकास और वस्त्र उत्पादन

श्री कपूर ने बीसीसीएल के एमएसडीआई-II का भी निरीक्षण किया, जहां अभी मल्टी-स्किल टेक्नीशियन समेत कई तरह के ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कौशल विकास और उत्पादन केंद्र की गतिविधियों की भी समीक्षा की, जिसे बीसीसीएल, झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए), झारखंड सरकार और राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

इस केंद्र को स्थानीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और टिकाऊ आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे होने के बाद, राजधानी टेक्सटाइल्स शुरुआती चरण में सेंटर पर वस्त्र उद्योग से जुड़ी कौशल प्रशिक्षण और उत्पादन गतिविधियां शुरू करेगी। इस पहल से कौशल विकास, स्थानीय रोजगार और उत्पादन-आधारित आजीविका के अवसरों के बीच संबंध मजबूत होने की उम्मीद है।

धनबाद में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

इस दौरे का समापन धनबाद कलेक्ट्रेट में श्री तरुण कपूर की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के साथ हुआ। बैठक में झरिया मास्टर प्लान के तहत जेआरडीए और संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे पुनर्वास, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

श्री कपूर ने संबंधित एजेंसियों को पुनर्वास के प्रयासों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों के सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने पुनर्वास क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आजीविका के साधन, कौशल विकास और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी लागू करने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के महत्व पर जोर दिया और चल रही व नियोजित पहलों को समय पर और नतीजे देने वाले तरीके से पूरा करने का आह्वान किया।

इस बैठक और फील्ड विजिट में कोल इंडिया के चेयरमैन श्री बी. साईराम; बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल; संयुक्त सचिव (वस्त्र मंत्रालय) श्रीमती अलकनंदा दयाल; प्रोजेक्ट एडवाइजर (एमओसी) श्री आलोक कुमार सिंह और कोयला मंत्रालय, जिला प्रशासन, जेआरडीए, बीसीसीएल व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

दो दिन की इस यात्रा से बीसीसीएल की परिचालन गतिविधियों, आधुनिक खनन तकनीक, झरिया में आग के प्रबंधन और झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास व विकास की पहलों की व्यापक समीक्षा करने का मौका मिला।

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