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भारत की राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में निफ्ट के संयुक्त दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाई


विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और हमारी संस्कृति के बुनियादी मूल्यों से दृढ़ता से जुड़े रहते हुए एक वैश्विक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

संयुक्त दीक्षांत समारोह में मनाया गया उत्कृष्टता और नई शुरुआत का उत्सव

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) ने 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त दीक्षांत समारोह 2026 के आयोजन के साथ अपने उत्‍तीर्ण छात्रों के जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव दर्ज किया। समारोह में देशभर के 18 निफ्ट परिसरों के उत्‍तीर्ण विद्यार्थी एक साथ एकत्रित हुए, जिससे यह अवसर शैक्षणिक उपलब्धियों, सृजनात्मक प्रयासों तथा शिक्षा से पेशेवर जीवन की ओर बढ़ने की यात्रा के सामूहिक उत्सव में बदल गया।

समारोह में निफ्ट की विजि़टर, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह, वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, निफ्ट की महानिदेशक, श्रीमती तनु कश्यप, विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति, शासी मंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, पीएचडी शोधार्थी और उत्‍तीर्ण विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वस्त्र और परिधान क्षेत्र न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, बल्कि यह लाखों लोगों की आजीविका का आधार भी रहा है। यदि पारंपरिक कारीगरों को उचित सहयोग और मार्गदर्शन मिले, तो इससे उनकी अगली पीढ़ियां गर्व और आत्मविश्वास के साथ इस व्यवसाय से जुड़ी रहने के लिए प्रोत्साहित होंगी। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि निफ्ट के विभिन्न केंद्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों के बुनकरों और कारीगरों को वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने तथा उन्हें बाजारों से जोड़ने के लिए ‘क्राफ्ट क्लस्टर इनिशिएटिव’ जैसी पहलें लागू की हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारा देश पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका का विस्तार कर रहा है। फैशन प्रौद्योगिकी भी भारत की वैश्विक पहुंच बढ़ाने की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। उन्होंने उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और हमारी संस्कृति के बुनियादी मूल्यों से दृढ़ता से जुड़े रहते हुए वैश्विक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। ऐसा करके वे न केवल सफल पेशेवर बनेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी योगदान देंगे।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया, जिससे वे विकसित भारत की अभिन्न प्रेरक शक्ति बन सकें। वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनसे निरंतर सीखने और अपने कौशल को निरंतर उन्नत करते रहने तथा इस प्रकार उपलब्ध व्यापक अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में निफ्ट में अपने शैक्षणिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों के समर्पण और उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। संस्थान में बिताए गए समय के दौरान उन्हें अन्वेषण, सहयोग तथा फैशन और सृजनात्मक उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं से परिचित होने के अवसर प्राप्त हुए।

दीक्षांत समारोह के दौरान निफ्ट की महानिदेशक ने उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों को शपथ दिलाई और प्रतीकात्मक रूप से स्नातक बैच को डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण देशभर में निफ्ट के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रतिनिधित्व करने वाले 10 सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शनकर्ता  छात्रों को  स्वर्ण पदक प्रदान किया जाना रहा। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर चयनित इन दस पुरस्कार विजेताओं को उनके सीजीपीए और सेमेस्टर-वार एसजीपीए को ध्यान में रखते हुए भारत की माननीय राष्ट्रपति द्वारा स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जो निफ्ट में शैक्षणिक उत्कृष्टता की पहचान है।

केंद्रीय दीक्षांत समारोह के बाद परिसर-वार डिग्री वितरण समारोह आयोजित किए गए, जिनमें उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से अपनी डिग्रियां प्राप्त करने तथा अपने-अपने शैक्षणिक समुदायों के साथ इस महत्वपूर्ण पड़ाव का उत्सव मनाने का अवसर मिला।

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन वर्ष 1986 में स्थापित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) एक सांविधिक संस्थान है, जिसका संचालन निफ्ट अधिनियम, 2006 के तहत किया जाता है। संस्थान ने एक ऐसे अंतर्विषयक शिक्षण वातावरण का सृजन करके भारत के फैशन शिक्षा परिदृश्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभाई है, जहाँ डिजाइन, प्रौद्योगिकी, शिल्प कौशल, अनुसंधान, नवाचार और औद्योगिक दृष्टिकोण आकर एक साथ मिलते हैं।

देशभर में अपने 20 पेशेवर ढंग से प्रबंधित परिसरों के माध्यम से निफ्ट विविध प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित करता है तथा विद्यार्थियों को नए विचारों का अन्वेषण करने, पारंपरिक दृष्टिकोणों को चुनौती देने और तेजी से बदलती सृजनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए प्रासंगिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। इसकी शैक्षणिक पद्धति में समकालीन शिक्षण के साथ-साथ भारत की समृद्ध शिल्प, सांस्कृतिक और डिजाइन परंपराओं के प्रति सराहना का समावेश भी मौज़ूद है।

उत्‍तीर्ण विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026 का दीक्षांत समारोह तैयारी से नई संभावनाओं की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। निफ्ट में अपने अध्ययन के दौरान अर्जित ज्ञान, सम्‍पन्‍न किए गए प्रोजेक्ट, स्थापित सहयोग और सामने आई चुनौतियों से प्राप्त अनुभव उनके करिअर और सृजनात्मक कार्यों की आधारशिला के रूप में काम आएंगे।

अब ये स्नातक निफ्ट के पूर्व छात्रों के उस बढ़ते समुदाय का हिस्सा बन रहे हैं, जो फैशन, वस्त्र, डिजाइन, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, संचार और संबद्ध सृजनात्मक क्षेत्रों में योगदान दे रहा है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और समकालीन वैश्विक रुझानों, दोनों की समझ के साथ वे जिन उद्योगों और समुदायों से जुड़ेंगे, उनमें नए दृष्टिकोण लाने के लिए तैयार हैं।

संयुक्त दीक्षांत समारोह 2026 में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी सहित कुल 3,793 विद्यार्थियों के उत्‍तीर्ण होने के साथ उपलब्धि, आकांक्षा और आगे आने वाली संभावनाओं का उत्सव मनाया गया। उततीर्ण विद्यार्थी जब विविध पेशेवर और सृजनात्मक क्षेत्रों में कदम रखेंगे, तो वे अपने साथ निफ्ट में अपने अध्ययन के दौरान अर्जित ज्ञान, मूल्यों और अनुभवों को लेकर जाएंगे। उनकी आगामी यात्राएँ भारत के फैशन, डिजाइन और सृजनात्मक परिदृश्य में नए आयाम जोड़ेंगी, जो ऐसी पीढ़ी की प्रतिभा और क्षमता को प्रतिबिंबित करेंगी, जो उद्देश्यपूर्ण सृजन करने, कल्पनाशीलता के साथ नेतृत्व करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार है।

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