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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने परिश्रम, ज्ञान और सदाचार पर बल देने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नैतिक समाज के निर्माण में ज्ञान, परिश्रम और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है। यह सुभाषितम् व्यक्तियों से प्रकाश और ज्ञान के मार्ग को अपनाने, अपने प्रयासों में सतर्क और दृढ़ रहने तथा एक नेक एवं नैतिकता से परिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता है।

“तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्।

अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्।

अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥

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