सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 1 से 15 जुलाई, 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया, जिसमें देश भर से सभी विभागों, संबद्ध/अधीनस्थ/स्वायत्त संगठनों और क्षेत्रीय कार्यालयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस पखवाड़े में स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्यस्थल की स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन, पर्यावरण स्थिरता, अपशिष्ट प्रबंधन और कुशल कार्यालय प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस पखवाड़े के दौरान, मंत्रालय के सभी कार्यालयों और क्षेत्रीय इकाइयों ने वृक्षारोपण अभियान, जागरूकता अभियान, सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं, रैलियां, श्रमदान और मोहल्लों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, समुद्र तट सफाई अभियान, बड़े पैमाने पर जनभागीदारी अभियान, कचरे से धन सृजन की पहल और पर्यावरण संरक्षण आदि गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान एकल-उपयोग प्लास्टिक को कम करने, कचरे को अलग करने, पुनर्चक्रण और सतत अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस पखवाड़े का समापन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। स्वच्छता पखवाड़े में उत्कृष्ट, अनुकरणीय और सक्रिय भागीदारी के लिए क्षेत्रीय संचालन प्रभाग (एफओडी), राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (एनएसएसटीए) और भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्वच्छता मंत्रालय के सचिव ने मंत्रालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल पखवाड़े तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कार्य संस्कृति और दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन जानी चाहिए।
मंत्रालय ने स्वच्छ, स्वस्थ और सतत भारत की परिकल्पना के साथ स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सार्वजनिक भागीदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।




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