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150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं पर फ्लैश रिपोर्ट


पैमाना पोर्टल द्वारा जुलाई 2026 तक 37.11 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,775 अवसंरचना परियोजनाओं निगरानी

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय पैमाना प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी को सुदृढ़ करने का काम जारी रख रहा है। इससे विभिन्न मंत्रालयों में बेहतर ट्रैकिंग, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है। यह पोर्टल जुलाई 2026 तक 37.11 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,775 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी करता है।

मुख्य विशेषताएंजुलाई 2026 तक, 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अंतर्गत 37.11 लाख करोड़ रुपये की कुल संशोधित लागत वाली 1,775 निर्माणाधीन अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इन परियोजनाओं पर कुल व्यय 19.26 लाख करोड़ रुपये है, यह संशोधित परियोजना लागत का लगभग 51.91 प्रतिशत है और परियोजना कार्यान्वयन में स्थिर प्रगति को दर्शाता है।अधिकांश परियोजनाएं उन्नत चरणों में हैं, इनमें से 675 परियोजनाएं (लगभग 38 प्रतिशत) 80 प्रतिशत से अधिक जमीनी स्‍तर पर प्रगति हासिल कर चुकी हैं, जबकि 305 परियोजनाएं (लगभग 17 प्रतिशत) 80 प्रतिशत वित्तीय पूर्णता को पार कर चुकी हैं। आंकड़े एक संतुलित परियोजना प्रक्रिया को भी दर्शाते हैं, इसमें परियोजनाएं कार्यान्वयन के प्रारंभिक और उन्नत चरणों में वितरित हैं।परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र (डीईए की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) में सबसे अधिक संख्या में चालू परियोजनाएं (1246 परियोजनाएं) हैं, इनका संशोधित अनुमान 19.81 लाख करोड़ रुपये है। यह कनेक्टिविटी-संचालित बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने पर बल देता है।
  • चालू चल रही 1,775 अवसंरचना परियोजनाओं में 735 मेगा परियोजनाएं (परियोजना लागत 1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक) शामिल हैं, इनकी मूल लागत 28.77 लाख करोड़ रुपये है और 1,040 प्रमुख परियोजनाएं (परियोजना लागत 1,000 करोड़ रुपये से कम और 150 करोड़ रुपये तक) शामिल हैं, इनकी कुल लागत 4.93 लाख करोड़ रुपये है।
  • भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर साथ-साथ चलती है, इसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं प्रारंभिक (0-20 प्रतिशत) और उन्नत (81-100 प्रतिशत) चरणों में केंद्रित हैं, जो कई पूर्ण होने के करीब पहुंच चुकी परियोजनाओं के साथ-साथ नई शुरू हुई परियोजनाओं की एक श्रृंखला को दर्शाती हैं। जबकि 81-100 प्रतिशत के दायरे में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, प्रारंभिक चरणों में वित्तीय प्रगति अपेक्षाकृत अधिक है, जो परियोजना कार्यान्वयन में अग्रिम व्यय के पैटर्न को दर्शाती है।

2. मंत्रालय/विभागवार अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक परियोजनाएं हैं, इनमें 993 परियोजनाएं (56 प्रतिशत) शामिल हैं, और कुल संशोधित परियोजना लागत 9.62 लाख करोड़ रुपये (26 प्रतिशत) में इसका हिस्सा है। यह राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को उजागर करता है।
  • रेल मंत्रालय 190 परियोजनाओं (11 प्रतिशत) को कार्यान्वित कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित परियोजना लागत 6.38 लाख करोड़ रुपये (17 प्रतिशत) है।
  • कोयला मंत्रालय 121 परियोजनाओं (7 प्रतिशत) के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है, इनकी कुल संशोधित परियोजना लागत 2.22 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) है।
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग क्रमशः 103, 98, 50 और 38 परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहे हैं, जिनकी संशोधित लागत क्रमशः 4.23 लाख करोड़ रुपये, 6.08 लाख करोड़ रुपये, 3.78 लाख करोड़ रुपये और 2.01 लाख करोड़ रुपये है।

शेष (10 प्रतिशत) 182 परियोजनाओं की कुल संशोधित लागत 2.78 लाख करोड़ रुपये (8 प्रतिशत) है। ये उच्च शिक्षा, नागरिक उड्डयन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम एवं रोजगार, बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खान, डीपीआईआईटी और खेल सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में वितरित की गई हैं। (अनुलग्नक I देखें )

3. क्षेत्रवार (डीईए की आधारभूत संरचनाओं की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) आधारभूत संरचनाओं की परियोजनाओं की प्रगति

  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है, यह 1,246 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 70 प्रतिशत) में कुल संशोधित परियोजना लागत (19.81 लाख करोड़ रुपये) का 53 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सड़कों और राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, जहाजरानी और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका रेखांकित है।
  • ऊर्जा क्षेत्र 205 परियोजनाओं में कुल संशोधित लागत (10.66 लाख करोड़ रुपये) के 29 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, जो तेल और गैस अवसंरचना, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर निरंतर बल को दर्शाता है।
  • संचार अवसंरचना, जिसमें 31 परियोजनाओं में 1.34 लाख करोड़ रुपये (4 प्रतिशत) की परियोजना लागत शामिल है, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से लक्षित हस्तक्षेपों का प्रतिनिधित्व करती है।
  • जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं में 53 परियोजनाओं में कुल मिलाकर 2.05 लाख करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) का निवेश किया गया है। यह आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
  • सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना, इसमें 91 परियोजनाएं शामिल हैं और इनकी संशोधित परियोजना लागत 0.99 लाख करोड़ रुपये (3 प्रतिशत) है, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और पर्यटन, आतिथ्य और कल्याण में चुनिंदा निवेश को दर्शाती है।
  • ‘अन्य’ श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत परियोजनाओं की कुल लागत 149 परियोजनाओं में फैली हुई है और इनकी कुल लागत 2.26 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) है, कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधीकरण को दर्शाती हैं। (अनुलग्नक II देखें)

4. पूर्ण परियोजनाएं और नए परिवर्धन

  • जुलाई 2026 के दौरान, उल्लेखनीय रूप से शुरू की गई परियोजनाओं में शामिल हैं-
    • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की परियोजना – “श्रीकाकुलम अंगुल गैस पाइपलाइन परियोजना (2,810 करोड़ रुपये)।
    • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परियोजना – “अलीगढ़-कानपुर पैकेज I [अलीगढ़-भडवास] (2,069.6 रुपये) और “द्वारका एक्सप्रेसवे पैकेज-III दिल्ली/हरियाणा सीमा से आरओबी गुरुग्राम की शुरुआत तक (2298.37 रुपये)”
    • विद्युत मंत्रालय की परियोजना – गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में संभावित नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से बिजली निकासी हेतु पारेषण प्रणाली, चरण IV 7 गीगावाट-भाग ई4 के अंतर्गत (224.41 करोड़ रुपये)।
  • जुलाई 2026 के दौरान, 36 अतिरिक्त परियोजनाओं को पैमाना की निगरानी में लाया गया। इनमें से 16 दूरसंचार विभाग की, 9 इस्पात मंत्रालय की, 6 सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की, 3 उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की, 1 आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की और 1 विद्युत मंत्रालय की हैं। इनमें शामिल हैं:
  • मेजा थर्मल पावर प्रोजेक्ट, चरण-II, (3×800 मेगावाट) (38,358 करोड़ रुपये)
  • “ जयपुर मेट्रो रेल परियोजना चरण 2 (प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़) (13,037.66 करोड़ रुपये)।
  • चतरा से देवरिया गांव में एनएच-100 के जंक्शन तक 6 लेन ग्रीनफील्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता राजमार्ग, किमी 222.000 से किमी 253.000 पैकेज-9 (1,418.16 करोड़ रुपये)।

5. प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: अगस्त 2026 माह की फ्लैश रिपोर्ट 25 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी ।

टिप्पणी

  1. इस प्रेस विज्ञप्ति में केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की फ्लैश रिपोर्ट (जुलाई 2026) के मुख्य बिंदुओं का सारांश दिया गया है, जो https://paimana-proj.mospi.gov.in/ पर या नीचे दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।
  2. पैमाना के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इंटरफ़ेस का नाम बदलकर पैमाना-पीआरओजे कर दिया गया है (पहले इसे पैमाना कहा जाता था)। इसके अलावा, जुलाई 2026 में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया पैमाना-सीआरआईपी (बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का केंद्रीय भंडार) अंतर्निहित डेटा भंडार/इनपुट परत के रूप में कार्य करता है। लगभग 80 प्रतिशत डेटा पैमाना-सीआरआईपी पोर्टल पर एपीआई के माध्यम से अपडेट किया जाता है। यह बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के राष्ट्रीय केंद्रीय भंडार के रूप में कार्य करता है और मानकीकृत बुनियादी ढांचा निगरानी में योगदान देता है। इसके साथ ही यह  राष्ट्र निर्माण के लिए सूचित निर्णय लेने में सहायता करता है।

अनुलग्नक 1

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभागवार प्रगति

क्रमांकमंत्रालय/विभागप्रोजेक्ट की संख्या (संख्या)संशोधित लागत(लाख करोड़ रुपये)संचयी व्यय (लाख करोड़ रुपये)
1सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय9939.624.61
2रेल मंत्रालय1906.384.59
3कोयला मंत्रालय1212.220.60
4पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय1034.232.28
5विद्युत मंत्रालय986.082.10
6आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय503.781.97
7जल संसाधन, नदी विकास एवं कृषि विभाग382.011.42
8स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय350.260.11
9दूरसंचार विभाग311.341.03
10उच्च शिक्षा विभाग300.150.09
11इस्पात मंत्रालय270.300.13
12नागरिक उड्डयन मंत्रालय250.230.12
13उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग120.210.02
14श्रम एवं रोजगार मंत्रालय90.020.01
15पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय60.140.10
16खान मंत्रालय60.120.07
17खेल विभाग10.010.01
 कुल योग177537.1119.26

अनुलग्नक II

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की अवसंरचना की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार)

क्रमांकएचएमएल श्रेणीपरियोजनासंख्यासंशोधित लागत (लाख करोड़ रुपये)संचयी व्यय ( लाख करोड़ रुपये)
1परिवहन और लॉजिस्टिक्स124619.8111.23
2ऊर्जा20510.664.43
3जल एवं स्वच्छता532.051.45
4सामाजिक और वाणिज्यिक910.990.39
5संचार311.341.03
6अन्य1492.260.73
 कुल177537.1119.26

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