डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए युवाओं की ऊर्जा, प्रतिबद्धता और नवोन्मेषी विचार आवश्यक हैं
केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एमवाई भारत-एनएसएस के स्वयंसेवकों से बातचीत की और राष्ट्रीय समारोहों में युवा स्वयंसेवकों के योगदान और सक्रिय भागीदारी को सराहा।

एमवाई भारत-एनएसएस के स्वयंसेवकों ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इससे उन्हें समारोह देखने और केंद्रीय मंत्री से बातचीत करने का अवसर मिला। डॉ. मनसुख मांडविया ने स्वयंसेवकों से बातचीत की और राष्ट्र निर्माण और नागरिक भागीदारी में उनकी निरंतर भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने सामाजिक सेवा में उनके योगदान की सराहना की और उन्हें विकसित भारत के निर्माण के उद्देश्य से चलाई जा रही पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए युवाओं की ऊर्जा, प्रतिबद्धता और नवोन्मेषी विचार अत्यंत आवश्यक हैं।

इस कार्यक्रम ने स्वयंसेवकों को अपने अनुभव, विचार और आकांक्षाएं साझा करने का मंच भी प्रदान किया। इस संवाद ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी और नेतृत्व के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने हेतु युवा मामले और खेल मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

आज सुबह स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में दिल्ली के आठ स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के एमवाई भारत-एनएसएस स्वयंसेवकों और छात्रों ने मिलकर ‘वंदे मातरम’ का प्रतीक एक विशाल मानव आकृति बनाई। लगभग 500 छात्रों ने इस आकृति में भाग लिया जो देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक भागीदारी का प्रतीक थी।
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