एसटीपी इकाइयों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात दर्ज किया
भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए कई पहल और कार्यक्रम शुरू किए हैं और पूरे देश में इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (एसटीपी) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना है।
एसटीपी योजना भारत से सॉफ्टवेयर और आईटी-सक्षम सेवाओं (आईटी/आईटीईएस) के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक शत-प्रतिशत निर्यात-उन्मुख योजना है और एसटीपीआई एसटीपी योजना के तहत एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली के माध्यम से वैधानिक सेवाएं प्रदान कर रहा है।
पिछले तीन वर्षों के लिए एसटीपी इकाइयों से संबंधित विवरण इस प्रकार है:
| वित्तीय वर्ष 2023-24 | वित्तीय वर्ष 2024-25 | वित्तीय वर्ष 2025-26 | |
| एसटीपी इकाइयों की कुल संख्या | 2059 | 2042 | 2125 |
| एसटीपी इकाइयों द्वारा कुल निवेश(करोड़ रुपये में) | 10,709.92 | 8,870.78 | 7,362.86* |
| एसटीपी इकाइयों द्वारा कुल आयात (करोड़ रुपये में) | 9,947.47 | 9,482.27 | 9,960.26* |
| एसटीपी इकाइयों द्वारा कुल निर्यात (करोड़ रुपये में) | 6,36,619.87 | 6,88,194.11 | 7,73,898.97* |
*अनुमानित
| क्रम संख्या | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | वर्ष 2023-24 | वर्ष 2024-25 | वर्ष 2025-26 |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 33 | 30 | 31 |
| 2 | असम | 1 | 2 | 2 |
| 3 | बिहार | 1 | – | – |
| 4 | चंडीगढ़ | 20 | 13 | 13 |
| 5 | छत्तीसगढ | 11 | 11 | 10 |
| 6 | गोवा | 5 | 5 | 5 |
| 7 | गुजरात | 38 | 37 | 37 |
| 8 | हरियाणा | 78 | 83 | 87 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 1 | 1 | – |
| 10 | जम्मू-कश्मीर | 4 | 4 | 4 |
| 11 | झारखंड | 10 | 9 | 9 |
| 12 | कर्नाटक | 393 | 381 | 391 |
| 13 | केरलम | 73 | 68 | 69 |
| 14 | मध्य प्रदेश | 21 | 23 | 24 |
| 15 | महाराष्ट्र | 347 | 352 | 367 |
| 16 | मेघालय | 4 | 4 | 4 |
| 17 | ओडिशा | 112 | 117 | 132 |
| 18 | पुदुचेरी | 5 | 5 | 5 |
| 19 | पंजाब | 36 | 37 | 39 |
| 20 | राजस्थान | 21 | 23 | 23 |
| 21 | तमिलनाडु | 366 | 371 | 391 |
| 22 | तेलंगाना | 288 | 274 | 280 |
| 23 | दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार | 17 | 21 | 22 |
| 24 | उत्तर प्रदेश | 104 | 99 | 107 |
| 25 | उत्तराखंड | 5 | 5 | 5 |
| 26 | पश्चिम बंगाल | 65 | 67 | 68 |
| 2059 | 2042 | 2125 |
एसटीपी योजना के अंतर्गत पंजीकृत एसटीपी इकाइयों का राज्यवार विवरण, इन इकाइयों द्वारा घोषित निवेश और पिछले तीन वर्षों में उनके निर्यात और आयात का विवरण नीचे दिया गया है।
पिछले तीन वर्षों में एसटीपीआई के साथ पंजीकृत एसटीपी इकाइयों की राज्यवार संख्या
(करोड़ रुपये में)
| क्र.सं. | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | वर्ष 2023-24 | वर्ष 2024-25 | वर्ष 2025-26* | |||
| आयात | निर्यात | आयात | निर्यात | आयात | निर्यात | ||
| 1 | आंध्र प्रदेश | 4.56 | 2325.7 | 5.53 | 4743.61 | 3.29 | 5057.15 |
| 2 | असम | – | – | – | 1.01 | – | 0.65 |
| 3 | चंडीगढ़ | 0.02 | 519.15 | 1.74 | 491.66 | 0.3 | 414.34 |
| 4 | छत्तीसगढ | – | 64.29 | – | 71.66 | – | 75.93 |
| 5 | गोवा | 0.02 | 141.73 | – | 49.43 | – | 81.21 |
| 6 | गुजरात | 4.54 | 2,242.10 | 7.70 | 2,584.11 | 0.35 | 3,150.69 |
| 7 | हरियाणा | 184.59 | 24,409.54 | 153.11 | 24,938.34 | 132.33 | 26,885.28 |
| 8 | जम्मू-कश्मीर | – | 15.14 | – | 16.07 | – | 19.55 |
| 9 | झारखंड | – | 33.77 | – | 26.03 | – | 30.41 |
| 10 | कर्नाटक | 6,553.02 | 2,86,411.68 | 6,559.73 | 3,08,909.11 | 8,145.30 | 3,50,184.78 |
| 11 | केरलम | 15.02 | 4,019.85 | 21.60 | 4,299.83 | 26.69 | 3,447.61 |
| 12 | मध्य प्रदेश | 0.2 | 468.51 | – | 464.44 | – | 681.63 |
| 13 | महाराष्ट्र | 1,111.66 | 1,26,560.73 | 1,109.27 | 1,42,088.85 | 40.44 | 1,62,594.11 |
| 14 | मेघालय | 0.87 | 123.78 | – | 148.99 | – | 147.54 |
| 15 | ओडिशा | 9.02 | 3,183.43 | 12.64 | 3227.13 | 5.36 | 3,492.42 |
| 16 | पुदुचेरी | 1.67 | 169.29 | – | 195.17 | 1.6 | 207.78 |
| 17 | पंजाब | 3.36 | 1267.34 | 0.03 | 1522.43 | – | 1623.02 |
| 18 | राजस्थान | 2.71 | 1798.65 | 2.16 | 1910.9 | 2.34 | 2072.05 |
| 19 | तमिलनाडु | 476.14 | 50,496.25 | 617.93 | 51,536.55 | 529.39 | 60,591.28 |
| 20 | तेलंगाना | 922.16 | 96,269.05 | 746.43 | 1,01,570.02 | 887.81 | 1,13,101.83 |
| 21 | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार | – | 894.18 | – | 810.88 | 1.12 | 652.08 |
| 22 | उत्तर प्रदेश | 148.87 | 25,823.88 | 218.82 | 28,901.73 | 159.84 | 28,442.69 |
| 23 | उत्तराखंड | – | 48.82 | – | 58.07 | – | 56.68 |
| 24 | पश्चिम बंगाल | 49.04 | 9,333.01 | 25.58 | 9,628.09 | 24.10 | 10,888.26 |
| 9,487.47 | 6,36,619.87 | 9,482.27 | 6,88,194.11 | 9,960.26 | 7,73,898.97 | ||
*अनुमानित
एसटीपीआई, अपने नागरिक चार्टर में उल्लिखित और https://stpi.in/en/citizens-charter पर उपलब्ध एसटीपी योजना के तहत सेवाओं के अनुमोदन और वितरण के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन करता है।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) द्वारा अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और एसटीपी इकाइयों के लिए व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए उपाय निम्नलिखित हैं:
- वैधानिक सेवाओं का स्वचालन: आईटी निर्यातकों को निर्बाध सेवाएं प्रदान करने के लिए, SOFTEX दाखिल करने, उसकी स्वीकृति और उन्हें अंतिम सूचना देने सहित वैधानिक सेवाओं को स्वचालित कर दिया गया है। इससे आईटी उद्योग की संतुष्टि के अनुरूप सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।
- आईटी निर्यातकों के लिए आरबीआई के निर्यात डेटा प्रसंस्करण और निगरानी प्रणाली (ईडीपीएमएस) के साथ एकीकरण: एसटीपीआई की आईटी निर्यातकों के लिए ऑनलाइन प्रणाली को निर्यात डेटा साझा करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के ईडीपीएमएस के साथ एकीकृत किया गया है। इस एकीकरण से निर्यात घोषणा डेटा का आरबीआई को लगभग वास्तविक समय में निर्बाध इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण संभव हो गया है। इससे निर्यात डेटा का तेजी से आदान-प्रदान, सटीकता और पारदर्शिता में वृद्धि, मैन्युअल हस्तक्षेप में कमी, निर्यात लेनदेन की बेहतर निगरानी और आईटी/आईटीईएस निर्यातकों के लिए नियामक अनुपालन को सुव्यवस्थित करने में मदद मिली है।
- आयात प्रक्रियाओं का सरलीकरण: पहले की तरह अलग-अलग मामलों के लिए आयात अनुमतियाँ देने की प्रथा को बदलकर संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए एकमुश्त आयात अनुमतियां प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
- घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) बिक्री के लिए स्व-घोषणा: एसटीपीआई-पंजीकृत इकाइयों के लिए पूर्व डीटीए अनुमतियों की आवश्यकता को स्व-घोषणा प्रस्तुत करने से प्रतिस्थापित कर दिया गया है (संचालन के पहले वर्ष में अग्रिम डीटीए बिक्री को छोड़कर)।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 12.08.2026 को लोकसभा में यह जानकारी दी।
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