जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने विज्ञान प्रौद्योगिकी (विज्ञान टेक) नामक अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल का आयोजन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, 11 मई 2026 को बीआरआईसी-राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (बीआरआईसी-एनआईआई), नई दिल्ली में किया था। इसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था।
इस प्रदर्शनी में भारत सरकार के 14 मंत्रालयों और विभागों की तकनीकी क्षमताओं को एक साथ लाया गया, जो अपने स्वायत्त संस्थानों और प्रयोगशालाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास में लगे हुए हैं। इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक स्वदेशी विकसित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। “संपूर्ण सरकारी” दृष्टिकोण के आधार पर, अंतरिक्ष और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी; जलवायु और कृषि-खाद्य प्रौद्योगिकी; जैव-औषधीय और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी; जैव-औद्योगिक और हरित रसायन; गहन प्रौद्योगिकी सामग्री और उन्नत इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी; इलेक्ट्रॉनिकी, अर्धचालक और ऊर्जा; और गहरे समुद्र और वायुमंडलीय प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में ‘टेक-संग्रह’ का भी विमोचन किया गया, जो प्रतिभागी संस्थानों द्वारा विकसित लगभग 300 प्रौद्योगिकियों का संकलन है। इनमें से कई प्रौद्योगिकियों का पहले ही वाणिज्यीकरण या लाइसेंसिंग हो चुकी है, जबकि अन्य राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए तैनाती की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
इस आयोजन में उद्योग जगत को कई प्रौद्योगिकी हस्तांतरण/प्रौद्योगिकियों के लाइसेंसिंग हुए। विवरण इस प्रकार हैं:
डीबीटी- जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद ( डीबीटी-बीआरआईसी )
- त्वरित फसल नवाचार प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म
- सक्रिय शुष्क खमीर प्रौद्योगिकी
- लिग्नोसेलुलोसिक निम्नीकरण प्रौद्योगिकी को अनुकूलित करने के लिए एंजाइम
- क्लेवरकप
- सूजन आंत्र रोगों के लिए एनसीई
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)
- हीमोफिलिया ए विकार के लिए फैक्टर VIII अवरोधक परीक्षण
- पीएसपी94 एलिसा
- डेंगू, चिकनगुनिया और ज़िका वायरस का पता लगाने के लिए मल्टीप्लेक्स रियल-टाइम आरटी-पीसीआर
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)
- सीएसआईआर प्राइमा ईटी-11, 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
- एक्सट्रूडेड उत्पाद प्रौद्योगिकी
- हाइब्रिड ग्रीन हाउस सोलर ड्रायर
- प्रोटीन और फाइबर से भरपूर ग्रैनोला बार
इस आयोजन के दौरान निम्नलिखित उत्पादों का भी शुभारम्भ किया गया:
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- तिरुवनंतपुरम स्थित सी-डीएसी द्वारा विकसित स्वदेशी हिमनद झील बाथिमेट्री सर्वेक्षण समाधान
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)
- सीएसआईआर@100 एक पुस्तिका है जो 2042 तक सीएसआईआर के रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। इमें गहन तकनीकी नवाचार, अनुवांशिक अनुसंधान और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यह पहल ज्ञान के आदान-प्रदान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और प्रयोगशाला अनुसंधान तथा औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने के अवसरों की खोज के लिए एक साझा रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करती है। विभिन्न मंत्रालयों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, युवा शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और स्टार्टअप संस्थापकों को एक साथ लाकर, इस पहल ने नवाचार परितंत्र में संबंधों को मजबूत किया और सहयोग एवं नवाचार के नए अवसरों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। यह संस्थागत बाधाओं को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि हम 2047 के विकसित भारत के अपने सफर की शुरुआत कर रहे हैं।
यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
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