निर्माणाधीन परियोजनाओं का विवरण नीचे सारणीबद्ध किया गया है।
| क्र.सं. | परियोजना | जगह | क्षमता (मेगावाट) | चालू करने की तिथि | लागत (करोड़ रुपये में) | ||
| मूल | स्थिति/ संशोधित | स्वीकृत | संशोधित | ||||
| स्वदेशी दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर (आईपीएचडब्ल्यूआर) | |||||||
| 1 | आरएपीपी-7* | रावतभाटा, राजस्थान | 700 | जून-2016 | वाणिज्यिक कार्य शुरू कियाऑपरेशन दिनांक 15.04.2026 | 12,320 | 22,924 |
| आरएपीपी-8 | 700 | दिसंबर-2016 | चालू करने की प्रक्रिया उन्नत चरण में है (2026 में चालू होने की उम्मीद) | ||||
| 2 | जीएचएवीपी-1 | गोरखपुर (फतेहाबाद), हरियाणा | 700 | सितंबर-2020 | कंक्रीट डालने के पहले चरण से लगभग 6 वर्ष के भीतर निर्माण कार्य के समापन और कार्यकलाप शुरू होने की उम्मीद | 20,594 | पुनरीक्षण के तहत |
| जीएचएवीपी-2 | 700 | मार्च-2021 | |||||
| 3 | काइगा-5 | कैगा,कर्नाटक | 700 | जून-2026 | जून-2031 | 21,000 | पुनरीक्षण के तहत |
| काइगा-6 | 700 | जून-2027 | जून-2032 | ||||
| 4 | पीएफबीआर | कल्पक्कम,तमिलनाडु | 500 | सितम्बर 2010 | मार्च 2027 | 3492 | पुनरीक्षण के तहत |
| विदेशी सहयोग से लाइट वाटर रिएक्टर (एलडब्ल्यूआर) | |||||||
| 5 | केकेएनपीपी-3 | कुडनकुलम, तमिलनाडु | 1000 | मार्च-2023 | जून-2027 | 39,849 | 68,893 |
| केकेएनपीपी-4 | 1000 | नवंबर-2023 | जून-2028 | ||||
| 6 | केकेएनपीपी-5 | 1000 | दिसंबर-2026 | जून-2029 | 49,621 | 69,437 | |
| केकेएनपीपी-6 | 1000 | सितंबर-2027 | मार्च-2030 | ||||
*अप्रैल 2026 में उत्पादन शुरू हो चुका है। हालांकि, लागत दो इकाइयों के आधार पर उपलब्ध है (आरएपीपी-7 और आरएपीपी -8)।
पिछले पांच वर्षों के दौरान निर्माणाधीन प्रत्येक परियोजना के लिए स्वीकृत, जारी और उपयोग की गई धनराशि का वर्षवार विवरण अनुलग्नक के रूप में संलग्न है।
हाल के दिनों में परियोजनाओं के निर्माण/चालू होने में देरी के प्रमुख कारण जापान में फुकुशिमा घटना के बाद व्यापक डिजाइन परिवर्तन, महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति में देरी, कोविड-19 महामारी और इससे संबंधित मुद्दे, रूसी संघ से आपूर्ति में देरी (केकेएनपीपी के लिए), कोविड के बाद वित्तीय संकट/नकदी प्रवाह की समस्याओं के कारण ठेकेदारों द्वारा साइट पर कार्यों के निष्पादन में देरी, कठिन साइट मिट्टी की स्थिति (जीएचएवीपी में), कुशल ठेकेदार की कमी और चल रहे रूस-यूक्रेन और अमेरिका/इजराइल-ईरान भू-राजनीतिक संघर्ष का प्रभाव रहे हैं।
ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने हेतु विभिन्न उपाय लागू किए जा रहे हैं। इन उपायों में एनपीसीआईएल और डीएई में कई स्तरों पर आवधिक परियोजना समीक्षा, परियोजना गतिविधियों की प्रगति की निरंतर निगरानी, बाधाओं की समय पर पहचान और तुरंत आवश्यक सुधार, विभिन्न मुद्दों के समाधान हेतु विक्रेताओं/ठेकेदारों के साथ नियमित बैठकें और निर्माण गतिविधियों का यथासंभव पुनर्क्रमण, एनपीसीआईएल के विभिन्न अधिकारियों को अधिक शक्तियां सौंपना और परियोजनाओं की निगरानी के लिए बोर्ड की उप-समिति का गठन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि में लगने वाले उपकरणों का थोक ऑर्डर दिया जा रहा है और परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि में लगने वाली वस्तुओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु फ्लीट मोड में कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न रिएक्टरों के लिए कई उपकरण निर्माण/प्रगतिशील वितरण के अधीन हैं।
वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं के चरणबद्ध रूप से चालू होने पर, राष्ट्रीय ग्रिड में 8000 मेगावाट की संचयी क्षमता जुड़ जाएगी।
अनुलग्नक
पिछले पांच वर्षों के दौरान निर्माणाधीन प्रत्येक परियोजना के लिए स्वीकृत, जारी और उपयोग की गई इक्विटी का वर्षवार विवरण नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
राशि (रुपये करोड़ में)
| परियोजना का नाम | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | |||||||||||
| स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई इक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई इक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई इक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई इक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई इक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | ||
| जीएचएवीपी-1 और 2 | 540 | 141 | 141 | 1952 | 577 | 577 | 1990 | 254 | 254 | 2831 | 563 | 563 | 3042 | 631 | 631 | |
| केकेएनपीपी-5 और 6 | 363 | 363 | 1375 | 1375 | 1585 | 1585 | 1924 | 1924 | 1806 | 1806 | ||||||
| सीएमएपीपी-1 और 2 | 7 | 7 | 0 | 0 | 12 | 12 | 41 | 41 | 73 | 73 | ||||||
| एमबीआरएपीपी-1 से 4 | 15 | 15 | 0 | 0 | 23 | 23 | 42 | 42 | 49 | 49 | ||||||
| काइगा-5&6 | 8 | 8 | 0 | 0 | 102 | 102 | 246 | 246 | 365 | 365 | ||||||
| जीएचएवीपी-3 और 4 | 6 | 6 | 0 | 0 | 14 | 14 | 15 | 15 | 118 | 118 | ||||||
| कुल | 540 | 540 | 540 | 1952 | 1952 | 1952 | 1990 | 1990 | 1990 | 2831 | 2831 | 2831 | 3042 | 3042 | 3042 | |
पिछले पांच वर्षों के दौरान पीएफबीआर के लिए स्वीकृत, जारी और उपयोग की गई इक्विटी का वर्षवार विवरण नीचे सारणीबद्ध किया गया है:
| परियोजना का नाम | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | ||||||||||
| स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गईइक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गई | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गईइक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गईइक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | स्वीकृत की गई इक्विटी | जारी की गईइक्विटी | उपयोग की गई इक्विटी | |
| पीएफबीआर | 550 | 550 | 550 | 272 | 200 | 200 | 200 | 200 | 200 | 1184 | 600 | 500 | 374 | 150 | 150 |
यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
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