जनजातीय कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए) ने 5 जून 2025 को उत्तराखंड राज्य सरकार और देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और टिहरी गढ़वाल के जिला प्रशासनों को पत्र जारी किये थे।
उत्तराखंड सरकार के जनजातीय कल्याण विभाग ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित ज़िला प्रशासनों को इन मुद्दों को हल करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र के प्रशासनों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहता रहा है कि खानाबदोश या पशुपालक समुदायों के पारंपरिक मौसमी संसाधनों तक पहुंच के सामुदायिक अधिकारों सहित किसी भी सही लाभार्थी को उसके वन अधिकारों से वंचित न किया जाए, जैसा कि एफआरए की धारा 3(1)(घ) में निर्धारित किया गया है।
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