राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) – संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय- विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना (एसपीओसीएस) के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। यह योजना केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश भर में आम नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों, के बीच वैज्ञानिक सोच एवं जागरूकता को बढ़ावा देना है। साथ ही, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास तथा उनके उद्योग एवं मानव कल्याण में उपयोग को प्रदर्शित करना तथा लोगों में विज्ञान के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना, विकसित करना और उसे बनाए रखना भी इसका उद्देश्य है। इस योजना के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान नगर, विज्ञान केंद्र, नवाचार केंद्र तथा डिजिटल तारामंडल की स्थापना करने के लिए सहायता करती है।
एसपीओसीएस के अंतर्गत अब तक स्थापित किए गए ऐसे विज्ञान केंद्रों, नवाचार केंद्रों और डिजिटल तारामंडलों की सूची अनुलग्नक-एक में दी गई है।
एसओपीसीएस के अंतर्गत पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान एनसीएसएम द्वारा किए गए वास्तविक व्यय को नीचे दी गई तालिका में दर्शाया गया है:
(लाख रुपये में)
| क्रम संख्या | योजना का नाम | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | |
| 1 | विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना (एसपीओसीएस) | स्वीकृत आवंटन | 6150.00 | 2000.00 | 11767.75 |
| 2 | जारी की गई निधि | 4217.00 | 1866.95 | 11757.75 |
एसपीओसीएस के तहत एनसीएसएम द्वारा शुरू की गई जारी/चल रही परियोजनाओं की सूची अनुलग्नक-बी में दी गई है।
ये विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान-आधारित शैक्षिक गतिविधियों, प्रदर्शनियों, प्रदर्शन, नवाचार कार्यक्रमों और आउटरिच पहलों का संचालन करते हैं। 31मार्च 2026 तक विद्यार्थियों सहित कुल 1,68,55,110 आगंतुकों ने विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना (एसपीओसीएस) के अंतर्गत स्थापित विज्ञान केंद्रों का दौरा किया है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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