अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन तथा निगरानी में पारदर्शिता, दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करता है। यह डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदायगी-जैसे कि हज सुविधाओं (हज सुविधा ऐप) एवं मंत्रालय की अन्य पहलों से संबंधित क्षेत्रों में एआई-सक्षम बहुभाषी चैटबॉट, वर्चुअल सहायता, इंटेलीजेंट डिजिटल इंटरफेस- को मजबूत करने के लिए, जहां भी उपयुक्त समझा जाएं, ‘इंडियाएआई मिशन’ के व्यापक ढांचे के तहत संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनियों के सहयोग से उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं को तलाशता है। ऐसी प्रौद्योगिकियों का कोई भी उपयोग केंद्र सरकार के लागू नीतिगत ढांचे व विनियामक प्रावधानों के अनुसार ही किया जाता है।
केंद्र सरकार ने देश में एक मजबूत, समावेशी और जिम्मेदार एआई इकोसिस्टम स्थापित करने के उद्देश्य से ‘इंडियाएआई मिशन’ को मंजूरी दी। इस मिशन में सात प्रमुख स्तंभ शामिल हैं— इंडियाएआई कंप्यूट), फाउंडेशन मॉडल्स, इंडियाएआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव, इंडियाएआई फ्यूचर स्किल्स, एआईकोश (इंडियाएआई डेटासेट्स प्लेटफॉर्म), सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई और इंडियाएआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग। इनका उद्देश्य स्वदेशी एआई क्षमताओं, नवाचार, उत्तरदायी एआई तथा विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
5 नवंबर 2025 को जारी इडिया एआई गवर्नेंस दिशानिर्देश विश्वास, जन प्रथम, प्रतिबंधों के बजाय नवाचार, निष्पक्षता और समानता, जवाबदेही, डिजाइन द्वारा समझने योग्य तथा सुरक्षा, सुदृढ़ता व सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित एआई के सुरक्षित, उत्तरदायी और समावेशी विकास के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करते हैं।
गोपनीयता, निजता, डेटा संरक्षण, सूचना सुरक्षा, एक्सेस कंट्रोल और एआई के जिम्मेदार उपयोग से संबंधित उपयुक्त सुरक्षा उपाय ऐसे किसी भी प्रौद्योगिकी के समक्ष समाधान का एक अभिन्न अंग हैं। जहाँ कहीं भी व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करना शामिल होता है, वह डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के नियमों द्वारा संचालित होता है, जिसमें उचित सुरक्षा उपायों का कार्यान्वयन, शिकायत निवारण तंत्र और अन्य वैधानिक आवश्यकताएं (जैसे भी लागू हो) शामिल हैं।
मंत्रालय की डिजिटल पहलें उसकी योजनाओं और कार्यक्रमों के समग्र प्रशासन और निगरानी के हिस्से के रूप में लागू की जाती हैं। तदनुसार, अल्पसंख्यकों के लिए ‘एआई विज़न सेंटर्स’ से संबंधित विशिष्ट जानकारी – जिसमें आवेदन, स्वीकृतियां, निधि आवंटन, लाभार्थी और परिणाम मूल्यांकन शामिल हैं – अलग से नहीं रखी जाती है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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