सिंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप पूर्वोत्तर में भावी पीढ़ी के खेल चैंपियनों को तैयार करने के अपने दृष्टिकोण की पुष्टि की
“विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और सहायता के जरिए पूर्वोत्तर क्षेत्र को मीराबाई चानू जैसी और भी कई प्रतिभाएं पैदा करनी होंगी” – ज्योतिरादित्य सिंधिया
ग्लासगो में लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने के बाद, दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से मुलाकात की।

श्री सिंधिया ने मीराबाई चानू की उल्लेखनीय उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके अटूट दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगन की प्रशंसा की। उन्होंने उनकी सफलता को देश भर के लाखों युवा एथलीटों, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र के एथलीटों के लिए प्रेरणा बताया।
मुलाकात के दौरान, मीराबाई चानू ने अपने प्रेरणादायक सफर और भारत की सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में से एक बनने के रास्ते में आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया। श्री सिंधिया ने उनसे खेल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें प्रशिक्षण दिनचर्या, पोषण, और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन प्राप्त करने के लिए पर्याप्त आराम और नींद का महत्व शामिल है।

श्री ज्योदिरादित्य सिंधिया ने मीराबाई चानू के कोच, प्रशिक्षक और फिजियोथेरेपिस्ट के अमूल्य योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय खेल सफलता वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन द्वारा समर्थित एक मजबूत सहायता प्रणाली पर आधारित होती है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के खेल प्रतिभाओं को पोषित करने के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उच्च स्तरीय कार्य बल (एचएलटीएफ) की स्थापना के माध्यम से क्षेत्र में एक व्यापक खेल परितंत्र के विकास पर चर्चा की। इस कार्य बल के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ‘एक राज्य, एक खेल’ पहल पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके तहत प्रत्येक पूर्वोत्तर राज्य को उन खेलों में उत्कृष्टता विकसित करने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है जिनमें उसे स्वाभाविक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त है। इसमें भारोत्तोलन, तीरंदाजी और फुटबॉल जैसे खेल शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल केवल भौतिक ढांचा तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, पोषण और खिलाड़ी सहायता पर केंद्रित विश्व स्तरीय खेल परितंत्र के निर्माण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों को क्षेत्र के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने से कई और युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलेगी और पूर्वोत्तर क्षेत्र मीराबाई चानू जैसी कई और चैंपियन पैदा कर सकेगा। चानू के प्रशिक्षक विजय शर्मा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों की क्षमता को उजागर किया। उन्होंने कहा कि ये पहल जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को भी पोषित-पल्लवित करने में सहायक होंगी।
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए निर्धारित दृष्टिकोण के अनुरूप, बैठक में प्रतिभा, उत्कृष्ट कोचिंग और खिलाड़ी विकास में निवेश करके खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई, साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र की अपार खेल क्षमता को उजागर करने पर भी बल दिया गया।

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