गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर कई विधायकों के पार्टी छोड़ने और भाजपा के दलित विरोधी होने के आरोपों पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायकों के पार्टी छोड़ने पर बगैर किसी का नाम लिए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक चीज हमें ध्यान रखनी होगी कि वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते। बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य समेत अन्य विधायकों ने पार्टी छोड़ते वक्त भाजपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया था। भ्रष्टाचार जिनकी जीन में है, वे सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते। सामाजिक न्याय वही है जहां सबका सम्मान हो, किसी के साथ भेदभाव न हो और सबको योजनाओं का समान रूप से लाभ मिले।

तब उन्हें दलितों की याद नहीं आती थी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दलित को हितैषी होने पर समाजवादी पार्टी की तुलना में हमने दलितों को 18 हजार आवास दिए। उन्होंने सामाजिक न्याय नहीं सामाजिक शोषण किया है। ये पेशेवर अपराधी दलितों-शोषितों के ऊपर अत्याचार करते थे, उनकी संपत्ति पर कब्जा करते थे, तब उन्हें दलितों की याद नहीं आती थी। हम तब विपक्ष में थे, तब भी उनके अधिकार की बात उठाते थे और आज भी हम दलितों, शोषितों के उत्थान के लिए सतत कार्य कर रहे हैं। हमने सबको जोड़ने का काम किया है और यही सामाजिक न्याय का मंत्र है।

डबल इंजन की सरकार का डबल डोज

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेशभर में सभी 27 हजार शक्तिर केंद्र पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया है। इसी सिलसिले में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार और प्रदेश की सरकार ने बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ सभी तबकों को दिया है। आज उसी का परिणाम है 43 लाख गरीबों को के घर बने हैं और दो करोड़ से ज्यादा शौचालय बने हैं। एक करोड़ 43 लाख परिवारों को बिजली मिली है। कोरोना इस सदी की सबसे बड़ी महामारी है और इसमें फ्री में टेस्ट, फ्री में उपचार, फ्री में राशन की व्यवस्था करना और फ्री में वैक्सीन और सबको वैक्सीन दी जा रही है।यह डबल इंजन की सरकार का डबल डोज है।

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