भाजपा किसान मोर्चा संगठन की टीमों को गांव-गांव दौड़ाकर किसानों के मन की बात जान चुकी योगी सरकार ने किसानों को खुश करने के लिए दिल खोल दिया। उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसानों के साथ हुई अहम बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द गन्ना मूल्य बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर दीं। पराली का सिरदर्द कम करते हुए खास तौर पर पश्चिम के किसानों को बड़ी राहत देते हुए योगी ने घोषणा की है कि पराली जलाने को लेकर हुए सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

कृषि कानून विरोधी आंदोलन को हवा देने की पूरी कोशिश विपक्षी दलों ने लगातार की, लेकिन चुनाव के ऐन पहले योगी सरकार ने इन सारे प्रयासों को विफल करने का बड़ा दांव चला है। लगभग 90 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा किसान मोर्चा के किसान संवाद कार्यक्रम से रिपोर्ट तैयार की गई। उसके बाद बुधवार को प्रगतिशील किसानों के साथ मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर बैठक बुलाई गई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से बातचीत कर उनके मन को टटोला। फिर किसान हित को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कई घोषणाएं कर डालीं। सीएम योगी ने कहा कि फसल अवशेष (पराली) जलाने के कारण किसानों पर दर्ज मुकदमों को सरकार वापस लेगी और उन पर लगा जुर्माना भी माफ होगा। सरकार का यह फैसला वैसे तो सभी किसानों के हित में है, लेकिन पश्चिम के लिए यह बड़ा मुद्दा रहा है।

गन्ना किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2010 से बकाया रहे अधिकांश गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। अब सरकार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी करने जा रही है। सभी संबंधित पक्षों से विमर्श कर बहुत जल्द इस बारे में घोषणा की जाएगी। नए पेराई सत्र से पहले बकाया गन्ना मूल्य के पूरे भुगतान की बात भी सीएम ने कही है। साथ ही नए पेराई सत्र की तारीख भी तय कर दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम क्षेत्र में 20 अक्टूबर से चीनी मिलें शुरू हो जाएंगी, जबकि मध्य क्षेत्र में 25 अक्टूबर से मिलें चलेंगी। पूर्वी क्षेत्र की मिलें नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएंगी। इस पर किसानों ने तालियां बजाकर आभार जताया।

बैठक में किसानों के बिजली बिल बकाए की बात भी सामने आई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली बिल बकाया होने के कारण एक भी किसान का कनेक्शन कतई न काटा जाए। साथ ही किसानों को आश्वस्त किया कि बिजली बिल बकाए पर उन्हें ब्याज न देना पड़े, इसके लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) भी लाई जाएगी। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और गन्ना मंत्री सुरेश राणा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई घोषणाओं के साथ अब तक किसान हित में किए गए काम भी किसानों को बताए। योगी ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा जब चुनाव नजदीक आती हैं तभी किसानों की याद आती है। सीएम ने कहा जबचीनी का कटोरा कहे जाने वाले पूर्वांचल और गन्ना बेल्ट के पश्चिमी यूपी की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने बदनीयती से चीनी मिलों को बंद किया। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद चौधरी चरण सिंह की भूमि रमाला हो या पिपराइच और मुंडेरवा, कहीं नई चीनी मिलें लगीं तो कहीं पुराने का जीर्णोद्धार कराकर फिर चलाया गया। कहीं क्षमता बढ़ोतरी हुई तो कहीं आधुनिकतम तकनीक से लैस मशीनें लगाई गईं। किसानों के साथ आकंड़े साझा करते हुए योगी ने बताया कि वर्ष 2007 से 2016 तक मात्र 95 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। 2010 के बाद से 96 माह तक सब बकाया था। बीते साढ़े चार वर्षों में 1.42 लाख करोड़ का भुगतान हुआ है। आज मात्र चार माह का बकाया है। वर्तमान सत्र के 82 फीसद मूल्य का भुगतान कर दिया गया है।

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