राष्ट्रीय खेल अलग-अलग राज्यों में आयोजित हो सकते हैं

लखनऊ संवाददाता

लखनऊ । बर्मिघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल-2022 से निशानेबाजी को बाहर कर दिया गया है लेकिन भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की पहल के चलते राष्ट्रमंडल खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा की मेजबानी भारत को मिल सकती है।

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजीव मेहता ने ये बात शनिवार को कही । वह आज  भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष आनन्देश्वर पाण्डेय की पत्नी श्रीमती सावित्री पाण्डेय के निधन के बाद उनके निरालानगर स्थित निजी निवास पर शोक संवेदना जताने गए थे। इस दौरान राजीव मेहता ने कहा कि हमने प्रस्ताव दिया है कि यदि सीडब्लूजी समिति मंजूरी दे तो हम राष्ट्रमंडल खेल की निशानेबाजी स्पर्धा की मेजबानी कर सकते है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय खेलों की भविष्य में तीन-चार राज्यों में अलग-अलग स्पर्धाएं कराने पर भी विचार किया जा रहा है।

आईओए महासचिव ने इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक-2020 में भारत के पदकों की संख्या में वृद्धि का भी विश्वास जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि टोक्यो ओलंपिक-2020 में इस बार हमारे खिलाड़ी 10 से ज्यादा पदक जीतेेंगे। हमें बैडमिंटन, बाक्सिंग, कुश्ती में पदक की सबसे ज्यादा उम्मीद है। वहीं एथलेटिक्स में एशियाड-2018 में गोल्ड मेडलिस्ट जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के चोट से उबरने पर उनके भी ओलंपिक में पदक जीतने का विश्वास है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के साथ टाॅप्स स्कीम व भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों का का खेल के प्रति पाजिटिव रूख भी काफी बेहतर है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार राष्ट्रीय खेलों के लिए 30 प्रतिशत ही ग्रांट देती है। हम राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की भारी लागत को देखते हुए भविष्य में इन खेलों का आयोजन तीन-चार राज्यों में विभाजित कराकेे करने पर भी विचार कर रहे है।

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