ऋचा बाजपेयी

न्‍यूयॉर्क। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय अमेरिका में हैं और यहां पर उन्‍होंने यह बात मान ली है कि उनका देश भारत पर हमला नहीं कर सकता है। इमरान का एक वीडियो सामने आया है और इस वीडियो में उन्‍हें यह कहते हुए सुना जा सकता है। इमरान, न्‍यूयॉर्क में हैं और यहां पर उन्‍हें यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) में हिस्‍सा लेना है। सोमवार को इमरान ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात की थी।

इमरान मंगलवार को न्‍यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मीडिया से मुखातिब थे। यहां पर उन्‍होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हम भारत पर हमला नहीं कर सकते हैं और यह कोई विकल्‍प नहीं है। निश्चित तौर पर इस विकल्‍प के सभी बातों पर गौर किया जा रहा है।’ इमरान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब तक इसे ट्विटर पर डेढ़ लाख से ज्‍यादा लोग देख चुके हैं। ट्रंप से मुलाकात के दौरान इमरान ने एक बार फिर उनसे अपील की कि वह उनकी समस्‍याओं को सुलझाने में मदद करें।

आर्मी और आईएसआई ने तैयार किए आतंकी

हालांकि अमेरिका में इमरान खान की तरफ से एक ऐसा बयान भी आया है् जो उनके लिए विदेश में ही नहीं अपने देश में भी मुसीबत की वजह बन सकता है। इमरान ने न्‍यूयॉर्क में काउंसिल ऑन फॉरेल रिलेशंस (सीएफआर) में पूछे गए एक सवाल के जवाब कहा कि 9/11 के बाद आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ देना, उनके देश की सबसे बड़ी गलती थी। इमरान की मानें तो पहले की सरकारों को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था जिसे वह पूरा न कर सकें। इमरान ने यह बात उस समय कही जब वह पूर्व आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ का जिक्र कर रहे थे।

अमेरिका की तरफ से मिले पैसे

इमरान ने यहां पर कहा, ‘1980 के दशक में जिस समय सोवियत, अफगानिस्‍तान में दाखिल हुए तो पाकिस्‍तान को अमेरिका की मदद मिली ताकि वह उन्‍हें रोक सके। आईएसआई ने आतंकियों को ट्रेनिंग दी जिन्‍हें पूरे मुस्लिम वर्ल्‍ड से सोवियत के खिलाफ जेहाद चलाने के लिए इनवाइट किया गया था।’ इसके बाद इमरान ने कहा, ‘इसलिए सोवियत के खिलाफ हमने इन आतंकी संगठनों को तैयार किया। ये जेहादी उस समय हीरो थे और फिर साल 1989 में में जब सोवियत, अफगानिस्‍तान से गए तो अमेरिका भी अफगानिस्‍तान से निकल गया। हम इन आतंकी संगठनों के साथ अकेले रह गए।’

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