यूपी सरकार ने 20 साल बाद अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर एक फिर टर्म लोन योजना शुरू कर दी है। योजना भवन से वर्चुअल जुड़े अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बीते शुक्रवार को टर्म लोन और एजुकेशन लोन के तहत चयनित लाभार्थियों के खाते में धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। इस दौरान गोरखपुर जिले के 35 युवा उद्यमियों और छात्रों के खाते में धनराशि स्थानांतरित की गई। 

एनआईसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आशुतोष कुमार पाण्डेय भी लाभार्थियों के साथ मौजूद रहे। पाण्डेय ने बताया कि निगम द्वारा यह कर्ज 6 फीसदी ब्याज पर मुहैया कराया जा रहा है। गोरखपुर-बस्ती मंडल के 03 जिलों गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर के अल्पसंख्यकों को इस योजना का फायदा पहुंचेगा। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम की ओर से संचालित टर्मलोन योजना के अंतर्गत 19 अल्पसंख्यकों में ऋण दिया। ऋण प्राप्त करने वालों में ताबिश अजीज, सलमान अमन खान, अनवर खान, रिचर्ड विक्टर, शकीरा खातून, जकी अहमद, मिर्जा अरशद बेग, मोहम्मद अतहर, शहरयार अहमद, सबा खान, मोहम्मद शफी, समीर अहमद अंसारी, नौशाद अहमद, राशिद रजा, मोहम्मद राशिद, इरफान खान, अब्दुल हलीम, माज खान व अजमतुल्लाह शामिल रहें।

15 साल बाद टर्मलोन-एजुकेशन लोन योजना शुरू
उप्र अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम कुटीर व छोटे उद्योग शुरू करने के लिए नए उद्यमियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण दे सकता है। इससे पहले आखिरी बार निगम ने 2005-06 में लोन दिया था। 

उप्र अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की गतिविधियां वर्ष 2007 से पूरी तरह से ठप पड़ी थीं। प्रदेश सरकार ने योजना को फिर से जिंदा कर अल्पसंख्यकों के चेहरे पर मुस्कान ला दिया है। 

अल्पसंख्यकों के लिए लांच हुई वेबसाइट
अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हज मंत्री नंद गोपाल नंदी अल्पसंख्यकों की सुविधा के लिए एक वेबसाइड लांच की। minoritywelfare.up.gov.in पर अल्पसंख्यकों को घर बैठे योजनाओं की जानकारी मिलेगी साथ ही वह घर बैठे ही प्रदेश के मुसाफिर खानों की बुकिंग भी कर सकेंगे। पहले यह काम मैनुअली होता ‌था।

और नंद गोपाल नंदी ने रिचर्ड विक्टर से किया संवाद
खरैया पोखरा वशारतपुर निवासी 26 वर्षीय रिचर्ड विक्टर से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल नंदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बात की। विक्टर ने बताया कि उसे 2 लाख रुपये का टर्म लोन मिला है जिससे वे साइबर कैफे एवं स्टेशनरी शॉप खोलेंगे। जीएनएम की पढ़ाई किए विक्टर कहते हैं कि अपनी पढ़ाई के हिसाब से वह नौकरी भी करेंगे लेकिन व्यापार करना उनके बचपन की इच्छा थी। उन्होंने सस्ती दर पर मिले ऋण के लिए अल्पसंख्यक मंत्री एवं सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।

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