यूपी का बजट  पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था तो है लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं थी।  इसलिए असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के करीब एक करोड़ लोग हैं। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में करीब 40 लाख प्रवासी लौटे हैं। इन्हें पंजीकरण की सुविधा देकर पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर का लाभ सरकार देगी। 

पानी का संकट दूर किया:

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत होने से पहले घरों में पानी के कनेक्शन की संख्या दो फीसदी से भी कम थी। इस योजना में ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन देने की शुरुआत की गई है। खासकर पूर्वांचल में शुद्ध पानी की व्यवस्था होने के बाद इंसेफेलाइटिस के मामलों में कमी आई है। इससे होने वाली मौतों में 95 फीसदी और बीमारी पर 75 फीसदी तक कमी हुई है।

खेलकूद को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था:

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलकूद को प्रोत्साहन देने के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। जिस मंडल में राज्य विश्वविद्यालय नहीं हैं वहां राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाएगा। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बजट में बड़ी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण और निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए संचालित गोआश्रय स्थलों में 5.58 लाख गोवंश संरक्षित हैं। बजट में सभी न्याय पंचायतों को गो आश्रय स्थल की स्थापना तथा उन्हें स्थानीय स्वैच्छिक संगठनों की सहायता से संचालित करने का प्रस्ताव है। वाराणसी के गोकुल ग्राम की तर्ज पर शहरों में भी गो संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
    व्यापारियों के लिए चलाई जाने वाली व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना में लाभ की राशि को दस लाख रुपये किया गया है। साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम चल रहा है।

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