राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर टोक्यो में खेले जा रहे पैरालंपिक में भाविनाबेन पटेल ने देश को टेबल टेनिस में पहला मेडल दिलाया है। फाइनल मुकाबले में भाविना को चीन की खिलाड़ी यिंग झोऊ के हाथों 0-3 से हार का सामना करके सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। फाइनल में हार के बावजूद भाविका ने अपने खेल से सभी का दिल जीत लिया है और हर तरफ उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है। पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाविना को उनकी इस उपलब्धि के लिए फोन पर बधाई दी। पीएम ने भाविना की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है।

प्रधानमंत्री ने भाविना के उज्जवल भविष्य की कामना की। देश को सिल्वर मेडल दिलाने वालीं भाविना गुजरात के मेहसाणा वडनगर के गांव सुंधिया से ताल्लुक रखती हैं। पीएम ने उनको बताया कि वह कुछ समय सुंधिया में रहे थे और उन्होंने भाविना से पूछा कि उनकी फैमिली में अब वहां पर कौन-कौन बचा है। जिसका जवाब में भाविना ने कहा कि उनके माता-पिता अभी सुंधिया में ही रहते हैं। भाविना की जीत पर इससे पहले मोदी ने ट्वीट करके भी उनकी बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘ उत्कृष्ट भाविना पटेल ने इतिहास रचा है। उन्होंने देश को ऐतिहासिक सिल्वर मेडल दिलाया है। इसके लिए उनको बहुत बधाई हो। उनकी जिंदगी की यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है और उनकी कहानी युवा पीढ़ी को खेल के प्रति आकर्षित करेगी।’

34 वर्षीय भाविना ने पैरालंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और शनिवार को समेफाइनल मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी को 7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8 से हराकर भारतीय खेमे में भी सभी को चौंका दिया था। भाविना हालांकि फाइनल मैच में यह लय नहीं दिखा पाईं और झोउ के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच 19 मिनट में ही गंवा दिया। इस मेडल के साथ टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भारत का खाता भी खुल गया। टोक्यो ओलंपिक गेम्स में भी भारत का खाता सिल्वर मेडल से ही खुला था और तब भी महिला एथलीट ने ही भारत का खाता खोला था। टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था, जो भारत का इन खेलों में पहला मेडल था।

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