क्रिकेट मैच में जब भी एक पारी में 10 विकेट की बात आती है, तो आम तौर पर पहला नाम दिग्गज भारतीय गेंदबाज अनिल कुंबले का नाम जुबान पर आ जाता है। खास तौर पर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की बात हो, तो ये स्वाभाविक है। कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ फिरोज शाह कोटला मैदान में एक पारी में सभी 10 विकेट लिए थे। लेकिन कुंबले ऐसा करने वाले पहले नहीं थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड के जिम लेकर ने सबसे पहले ये करिश्मा 1956में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया था। लेकिन इससे भी बड़ा चमत्कार आज से 99 साल पहले 1922 में जैनिंग्स ट्यून ने किया था। एक पारी में 10 विकेट, वो भी बिना कोई रन दिए। वाकई ये है ना चौंकाने वाला?

जाहिर तौर पर ये नाम कोई क्रिकेट जगत में जाना-पहचाना नहीं है। इतना बड़ा रिकॉर्ड होने के बावजूद ये नाम इतना प्रसिद्ध क्यों नहीं है? क्यों किसी ने ये नाम नहीं सुना? ये सवाल जहन में आना स्वाभाविक है। सर डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट औसत और 12 दोहरे शतक जैसा रिकॉर्ड क्रिकेट जगत में प्रसिद्ध है और जुबान पर रटा हुआ है। तो फिर जेनिंग्स ट्यून के बारे में क्यों नहीं इस तरह से लिया जाता?

5 ओवरों में 10 विकेट

इस सवाल का सीधा सा जवाब ये है कि जेनिंग्स ट्यून कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर नहीं थे। यहां तक कि वह कोई फर्स्ट क्लास क्रिकेटर भी नहीं थे। असल में जेनिंग्स ने एक स्थानीय मैच में अपना ये रिकॉर्ड बनाया था। 6 मई 1922 को इंग्लैंड के यॉर्कशर में हाउडन और डिस्ट्रिक्ट लीग के मैच में जैनिंग्स ने ये कमाल किया था। क्लिफ और इस्ट्रिंग्टन टीमों के बीच ये मुकाबला खेला गया था और तेज गेंदबाज जैनिंग्स ने क्लिफ की ओर से सिर्फ अपने 5 ओवरों में ही तबाही मचा दी। जैनिंग्स ने इन 5 ओवरों में सभी 10 विकेट अपने नाम कर लिए।

असली चमत्कार तो ये था

अब बात असली रिकॉर्ड की। ये पहला मौका नहीं था, जब किसी क्रिकेट मैच में गेंदबाज ने ऐसा कमाल किया था। सबसे पहली बार ए डार्टनैल ने 1867 में बिना कोई रन दिए सभी 10 विकेट हासिल किए थे। जैनिंग्स से पहले 9 अलग-अलग मौकों पर ये चमत्कारी रिकॉर्ड हासिल कर लिया गया था।

लेकिन जैनिंग्स के रिकॉर्ड को जिस बात ने सबसे खास बनाया, वो था विकेटों का तरीका। जैनिंग्स ने सभी 10 विकेट बल्लेबाजों को बोल्ड कर हासिल किए थे। क्रिकेट में दर्ज रिकॉर्डों में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि जब एक गेंदबाज ने सभी बल्लेबाजों को एक ही अंदाज में आउट किया था।

1867 से आज तक क्रिकेट इतिहास में 25 बार ऐसा हुआ है जब किसी गेंदबाज ने पारी के सभी 10 विकेट लिए और कोई रन नहीं दिया।आखिरी बार 1998-99 में ऑस्ट्रेलिया में डी मॉर्टन ने ये करिश्मा किया था। लेकिन कोई भी वो चौंकाने वाला कमाल नहीं कर सका, जो 1922 में जैनिंग्स ट्यून ने किया था।

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