नई दिल्ली। अमेरिका से आए बेहद आधुनिक और घातक 72,500 सिग साउर राइफलों को आतंकरोधी अभियानों में जुटे सुरक्षाबलों को उपलब्ध कराने के बाद भारत ने फिर 72,500 राइफलों का सौदा किया है। अब इन्हें पूर्वी लद्दाख में चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को सौंपा जाएगा। 7.62×51 mm कैलिबर के इन राइफलों से दुश्मन को 500 मीटर की दूरी से ही ढेर किया जा सकता है। इसके लिए अमेरिकी कंपनी सिग साउर से 780 करोड़ रुपए का सौदा किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हाल ही में 72,500 सिग साउर राइफलों की खरीद को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय ने सौदे पर मुहर लगा दी है। अमेरिका से फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के तहत इन राइफलों की खरीद की जाएगी। सरकार के सूत्रों ने बताया, ”इन असॉल्ट राइफलों के पहले लॉट को जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी ऑपरेशनों में तैनात सैनिकों को दिया गया। दूसरा लॉट पूर्वी लद्दाख और अन्य इलाकों में चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को दिया जाएगा।” 

सूत्रों ने बताया कि अग्रिम इलाकों में दुश्मनों का सामना कर रहे सुरक्षाकर्मियों को सबसे अच्छे उपकरण और हथियार देने का विचार है। नए राइफल इंसास राइफल्स की जगह ले रहे हैं, जिसका उत्पादन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड की ओर से किया गया था। प्लान के मुताबिक, 1.5 लाख अमेरिकी राइफल आतंकरोधी अभियानों में जुटे सैनिकों और सीमा पर तैनात जवानों को दिए जाएंगे।”

अन्य सुरक्षाकर्मियों को एके 203 राइफल्स दिए जाएंगे, जिसका उत्पादन अमेठी की हथियार फैक्ट्री में भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। चीन से ताजा सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना को 72 हजार और सिग साउर असॉल्ट राइफल अमेरिका से मिलने जा रहे हैं। भारतीय सेना लंबे समय से इंसास राइफलों को बदलने के प्रयास में है, लेकिन किसी ना किसी वजह से इसमें देरी होती रही। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने इजरायल से 16 हजार लाइट मशीन गन्स (LMGs) का सौदा किया है।