नागरिकता कानून पर देश के मुख्य इमाम उमेर अहमद इलियासी सामने आए और नागरिकता कानून का समर्थन करते हुए उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय को आश्वस्त किया। चीफ इमाम ने कहा इससे भारतीय मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है। 

मुख्य इमाम ने कहा कि हमारे सबके पंथ अलग हो सकते हैं, हमारी सबकी जातियां अलग हो सकती हैं, हमारे इबादत करने के तरीके जरूर अलग हो सकते हैं। लेकिन जो हमारा सबसे पहला धर्म है वो इंसान का इंसानियत से है जिसे आज निभाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है, हम सब भारत में रहते हैं हम सब भारतीय है। आओ हम सब मिलकर भारत को मजबूत करें। 

चीफ इमाम ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना भारत के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, कोई ऐसा करने से हमें नहीं रोक सकता।

हालांकि यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि यह प्रदर्शन नियंत्रण में किया जाए और हम अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। उन्होंने लोगों को नागरिकता कानून और एनआरसी के बारे में बताते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून(CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण(NRC) में बहुत अंतर है। एक सीएए है जो कानून बन चुका है और दूसरा एनआरसी है जिसकी सिर्फ घोषणा हुई है और वह कानून नहीं बना है।

चीफ इमाम ने कहा क नागरिकता संशोधन कानून से उन मुसलमानों का कुछ भी लेना-देना नहीं है जो भारत में रह रहे हैं।

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