देश में 16 जनवरी से होने वाले कोरोना टीकाकरण से पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। यह ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) द्वारा वैक्सीन की इमरजेंसी इस्तेमाल के अप्रूवल के बाद पीएम मोदी और सीएम के बीच पहली बातचीत थी। वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हिस्सा लिया। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के समय सभी राज्यों ने एकजुटता से काम किया है।बता दें कि डीसीजीए ने दो टीकों को मंजूरी दी है – एक ऑक्सफोर्ड एस्ट्राज़ेनेका का टीका, जिसे भारत में कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है। दूसरी भारत बायोटेक की कोवाक्सिन। देश भर में अब तक कई दौर के ड्राई रन हो चुके हैं। 

– पीएम मोदी ने कहा कि हमने भारत के लगभग हर जिले में ड्राई-रन पूरे किए हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हमें अपने पुराने अनुभवों के साथ नए एसओपी को जोड़ना है।

– बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा, ”मुझे संतोष है कि कोरोना के इस संकट काल मे हम सबने एकजुट होकर काम किया। जो सीख लाल बहादुर शास्त्री जी ने दी थी, उसी पर चलने का हम सबने प्रयास किया है।” मोदी ने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वैक्सीन पर किसी भी तरह की कोई अफवाह न फैलने पाए।

वैक्सीनेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स की तैयारी शुरू हो चुकी है। सभी राज्यों में ड्राई रन के रूप में कोरोना टीकाकरण का पूर्वाभ्यास भी हो चुका है। शुक्रवार को यूपी और हरियाणा को छोड़कर देश के बाकी सभी 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा देशव्यापी ड्राई रन चला। यह ड्राई रन कुल 736 जिलों में तीन सत्रों में चल रहा है। यूपी और हरियाणा पहले ही ड्राई रन कर चुके हैं।

– सरकारी बयान के अनुसार, समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया कि आने वाले त्योहारों लोहड़ी, पोंगल और माघ बिहु आदि के मद्देनजर कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 से शुरू होगा। इसके मुताबिक, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के बाद 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 50 वर्ष से कम आयुवर्ग के उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जोकि पहले ही अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं, जिनकी संख्या करीब 27 करोड़ है। सरकार ने कहा, राष्ट्रीय नियामक ने दो टीकों (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) को आपातकालीन उपयोग संबंधी मंजूरी अथवा तेज स्वीकृति प्रदान की है जोकि सुरक्षा एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने में सक्षम पाए गए हैं।’

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