भोपाल । हनी ट्रैप के मामले में जिनका नाम आ चुका है वही स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे वह पत्नी को बेरहमी से पीटते दिखाई दे रहे हैं । डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने कबूला है कि वह वीडियो में हैं और कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, पुरुषोत्तम शर्मा को उनके पद से कार्यमुक्त करते गृह मंत्रालय से अटैच किया गया है।

एडीजी उपेंद्र जैन का कहना है कि कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। जिस आदमी ने वीडियो भेजा है, उसने दावा किया है कि वह बेटा है, लेकिन इसकी प्रमाणिकता पता करना बाकी है। मोबाइल पर भेजी गई । शिकायत के आधार पर एक महिला पुलिस अधिकारी को पुरुषोत्तम शर्मा के घर भेजा गया, मगर उनकी पत्नी ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस महानिदेशक स्तर के आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा अपनी पत्नी की पिटाई कर रहे हैं। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस अधिकारी पत्नी को जमीन पर गिरा देते हैं और उसकी बेरहमी से पिटाई करते हैं। इस दौरान घर में मौजूद कर्मचारी बीच बचाव करने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया पर हो रहे वायरल वीडियो से एक बात साफ हो रही है कि विवाद की वजह पुलिस अधिकारी का किसी दूसरी महिला से संबंध होना है। इसी को लेकर पति-पत्नी के बीच अरसे से विवाद चल रहा है। पुरुषोत्तम शर्मा का नाम हनी ट्रैप केस में भी आ चुका है।

दरअसल, आरोप है कि पुरुषोत्तम शर्मा की पत्नी ने उन्हें दूसरी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया था।  इसको लेकर पुरुषोत्तम शर्मा और उनकी पत्नी में बहस हुई। नौबत मारपीट तक आ गई। वायरल हो रहे वीडियो में बंगले पर मौजूद उनके स्टाफ बीच-बचाव करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मैंने इसके बारे में पढ़ा है, इसे देखा है, लेकिन अधिकारियों से बात करने के बाद ही कोई जवाब दूंगा। अगर कोई शिकायत है तो हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे

इससे पहले एसटीएफ और साइबर सेल के डीजी रह चुके पुरुषोत्तम शर्मा का नाम हनी ट्रैप केस में सामने आया था। हालांकि, पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और तत्कालीन डीजीपी वीके सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने वीके सिंह के सुपरविजन में बनी एसआईटी और गाजियाबाद का फ्लैट खाली कराए जाने पर भी सवाल उठाए थे।

पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा था, ‘हनी ट्रैप मामले के लिए बनाई गई एसआईटी के सुपरविजन से डीजीपी वीके सिंह को हटा देना चाहिए। पहले एसआईटी का मुखिया आईजी सीआईडी को बनाया गया था। इसके बाद एडीजी स्तर के अधिकारी को कमान सौंपी गई. फिर इसके भी सदस्य बदल दिए गए और ऐसा करने से डीजीपी की भूमिका विवाद में आ जाती है।एसआईटी की जिम्मेदारी किसी डीजी स्तर के अधिकारी को दी जाए।’