नई दिल्ली (एजेंसी)। देश और दुनिया में ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। केंद्र सरकार की दी जानकारी के मुताबिक देश में अब तक ओमिक्रॉन के 161 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसकी जानकारी खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्‍य सभा में दी है।

सोमवार को देश में ओमिक्रॉन के 18 नए मामले सामने आए हैं। इनमें दिल्ली में छह, कर्नाटक में पांच, केरल में चार और गुजरात में तीन मामले शामिल हैं। राजधानी दिल्ली की ही बात करें तो यहां पर अब तक ओमिक्रॉन के कुल 28 मामले सामने आए हैं। इनमें से 12 मरीज ठीक भी हुए हैं। वहीं कर्नाटक में 19, केरल में 15 और गुजरात में 14 मामले ओमिक्रोन के सामने आ चुके हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में ओमिक्रोन के दो मामले सामने आए हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग में चार में से दो में ओमिक्रोन वैरिएंट पाया गया है।

बता दें कि भारत में 2 दिसंबर को पहला ओमिक्रॉन वैरिएंट का मामला कर्नाटक में सामने आया था। इसके बाद इसके मामले दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से सामने आ चुके हैं। महाराष्‍ट्र में ओमिक्रोन के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। 

देश की राजधानी दिल्ली के अलावा गुजरात, केरल और कर्नाटक में देर रात ओमिक्रोन के मामले आने से इस संख्‍या में इजाफा हुआ है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री का कहना है कि सरकार विशेषज्ञों के साथ मिलकर हालात की लगातार निगरानी कर रही है। वायरस के प्रसार से निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक देश ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जो सबक सीखा है उसके चलते इस नए वैरिएंट से देश में पहले जैसा माहौल नहीं बनेगा।

केंद्र सरकार के मुताबिक देश में नए वैरिएंट के मद्देनजर सभी अहम दवाइयों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोरोना रोधी टीके की करीब 17 करोड़ खुराक उपलब्ध हैं। नए वैरिएंट को देखते हुए देश में वैक्सीन की उत्पादन की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। अब ये बढ़ कर 31 करोड़ डोज प्रतिमाह हो गई है। आने वाले दो माह में इसको 45 करोड़ डोज प्रतिमाह तक कर दिया जाएगा। मांडविया के मुताबिक देश में अब तक 88 प्रतिशत लोगों को टीके की पहली डोज और 58 प्रतिशत को दोनों डोज दी जा चुकी है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के प्रमुख डाक्‍टर टैड्रोस घेबरेयसस का कहना है कि इस बात के पक्‍के सबूत हैं कि ये वैरिएंट कोरोना के दूसरे वैरिएंट की तुलना में अधिक तेजी से फैलता है और इसकी चपेट में वैक्‍सीन की दोनों खुराक लेने वाले भी आ रहे हैं। उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही ये रिपोर्ट सामने आई थी कि इसके मामले तीन दिन में दोगुने हो रहे हैं। बता दें कि डेल्‍टा वैरिएंट के भी मामले करीब डेढ़ से तीन दिन के ही अंदर दोगुने हो गए थे।

बता दें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की तरफ से पहले भी ये चेतावनी दी जा चुकी है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों में जानें से बचा जाए। संगठन इस बात को लेकर भी आगाह कर चुका है कि मास्‍क को अपने से दूर करने की लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। इसलिए इस आदत को नहीं छोड़ना है और एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखनी होगी। 

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