बांदा । जेई रामभवन की हैवानियत के शिकार सात बच्चों ने दो दिन में अदालत में पूरी दास्तान सुनाई। सीबीआई ने दो दिनों में इन बच्चों को लाकर कोर्ट के सामने पेश किया। इसी के साथ सीबीआई ने कोर्ट में मासूम बच्चों के यौन शोषण के आरोपित जेई व उसकी पत्नी दुर्गावती के खिलाफ अपने साक्ष्य और मजबूत कर लिए।

सीबीआई ने बुधवार को दो बच्चों को लाने के बाद गुरुवार को पांच और पीड़ित बच्चों को बयान के लिए सिविल जज जूनियर डिवीजन अनुजा सिंह की अदालत में पेश किया। सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम गुरुवार को कचहरी पहुंची और एक-एक कर पांच बच्चों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए, यह पांचों बच्चे नाबालिग हैं। सीबीआई जेई के कमरे से मिले साक्ष्य, वीडीओ और बच्चों के बयान की कड़ी जोड़कर हैवानियत साबित करने की ओर बढ़ रही है।

बांदा मंडल कारागार में बंद जेई और उसकी पत्नी के खिलाफ सीबीआई की अर्जी पर पाक्सो की धाराएं पहले ही बढ़ चुकी हैं। इससे पहले सीबीआई ने इन सात बच्चों समेत जेई की दरिंदगी के शिकार 25 बच्चों का चित्रकूट में मेडिकल परीक्षण कराया था। एम्स से आई पांच डॉक्टरों की टीम ने इन बच्चों की जांच कर रिपोर्ट दी है। माना जा रहा है कि सीबीआई बाकी 18 बच्चों के भी बयान कोर्ट में कराएगी जिनका उसने मेडिकल परीक्षण कराया है। रिपोर्ट और बच्चों के बयान जोड़कर सीबीआई जेई की हैवानियत साबित करेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here