पुलिस में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर तैनात व्यक्ति के कारनामे के कारण पूरे विभाग को शर्मसार कर देंने वाला मामला सामने आया है। एक आरक्षक काम के बदले महिला से रिश्वत मांग रहा था तो उस महिला ने तंग आकर उसका कॉलर पकड़ लिया और सड़क तक घसीट लाई। हंगामें के बाद जब लोगों की भीड़ जुटी तो आरक्षक की पोल खुल गई और वह माफी मांगने लगा। बाद में पुलिस ने उसको पकड़ लिया और अपने साथ थाने ले गई। बताया जा रहा है कि इस आरक्षक ने काम के बदले में पहले भी 40 हजार रुपए ले चुका था और फिर 15 हजार और मांग रहा था।

जानकारी के अनुसार, महिला के साथ कुछ दिन दबंगों के द्वारा प्रताड़ित की गयी थी, जिसके बदले में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 1.50 लाख रुपए मिले थे। ऐसे में अजाक थाने में पदस्थ आरक्षक के पद पर तैनात परमानंद शर्मा को यह राशि रिलीज कराने के नाम पर घूस चाहिए थी। महिला ने बताया कि आरक्षक पहले ही 40 हजार रुपए ले चुका था, इसके बाद 15 हजार रुपए और मांगने बैंक पहुंच गया। जब महिला ने कहा कि सिर्फ 5 हजार रुपए ही निकले हैं। 

बाकी बाद में दूंगी, इस पर आरक्षक महिला को गालियां देने लगा और कहा कि तुझे देख लूंगा। फिर क्या था झल्लाई महिला ने आरक्षक की गिरेबान पकड़ ली और उसे खींचकर सड़क पर ले आई। सड़क पर ही दोनों के बीच बहस को देख लोग ही जुट गए और जब उसे लगा कि अब पोल खुल गयी है तो वह हाथ जोड़ने लगा लेकिन महिला ने नहीं छोड़ा। इस हंगामें के बाद पुलिस भी आई और आरक्षक को ले गई और साथ ही महिला को अजाक थाने में बुलाया गया। वहीं, दूसरी तरफ जैसे ही, यह मामला एसपी राजीव कुमार मिश्रा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने आरक्षक को निलंबित कर दिया।

क्या था मामला
बात करीब नौ महीने पहले की है जब महिला के साथ कुछ दबंगों के साथ मारपीट की थी। ऐसे में मामले में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम के तहत उसे 1.50 लाख रुपए की राहत राशि 10 दिन पहले ही मंजूर हुई थी। जैसे ही, अकाउंट में पैसे आये तो आरक्षक परमानंद शर्मा उसके घर पहुंचकर बोला कि, महिला से कहा कि यह पैसा उसने विभाग के अधिकारियों से मंजूर कराया है, इसलिए उसे 55 हजार रुपए देने होंगे। इसके बाद आरक्षक ने महिला से 40 हजार रुपए ले भी चुका था।

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