इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अब पीओके खोने का डर सता रहा है। इमरान ने एक दावे के साथ ही अपने डर का इजहार कर दिया। इमरान ने कहा है कि भारत, पीओके में किसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।

इमरान की मानें तो अपने घरेलू मुद्दों से दुनिया का ध्‍यान हटाने के लिए भारत की ओर से पीओके में कोई कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही उन्‍होंने चेतावनी दी है कि उनकी सेनाएं किसी भी तरह का जवाब देने को पूरी तरह से तैयार हैं।

इमरान, झेलम जिले में एक सभा में बोल रहे थे और यहीं पर उन्‍होंने यह टिप्‍पणी की है। इमरान का यह बयान पाकिस्‍तान आर्मी की तरफ से उस आधिकारिक पुष्टि के बाद आया जिसमें सेना ने भारत की जवाबी कार्रवाई में अपने दो सैनिकों के मारे जाने की बात कही थी। इमरान ने कहा, ‘मैं पिछले माह से दुनिया को बता रहा हूं कि मोदी-आरएसएस की सरकार, कश्‍मीर और नागरिकता कानून से दुनिया का ध्‍यान बंटाने के लिए निश्चित तौर पर पीओके में किसी तरह की कार्रवाई कर सकती है।’

पीएम इमरान के मुताबिक उन्‍होंने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को साफ कर दिया है कि भारत की तरफ से आने वाले खतरे का जवाब दिया जाए। उन्‍होंने यह भी कहा कि पाक इस तरह की कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। इमरान ने कहा कि भारत की तरफ से लाया गया नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) भारत में बसे 200 मिलियन मुसलमानों के खिलाफ एक साजिश है। इमरान ने यह भी कहा कि पाकिस्‍तान इस तरह का कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा जो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया है और जिसकी वजह से उनका पतन तय है।

पीओके को पाकिस्तान पंजाब प्रान्त में मिलाने की साजिश रच रहा

पिछले दिनों पीओके के नासिर एजाज खान ने दावा किया था कि पाकिस्‍तान सरकार, पीओके की स्थिति को बदलने की कोशिशें कर रही है। खान का कहना था कि सरकार इस हिस्‍से को पंजाब प्रांत के साथ मिलाने के लिए कोशिशें कर रही है। पाक सरकार ने पीओके का नाम बदला और 11 दिसंबर को इससे जुड़ा एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। नसीर अजीज के मुताबिक पाकिस्‍तान चुपचाप पीओके को पाकिस्‍तान में मिलाने की साजिश कर रहा है। यह नोटिफिकेशन पीओके के पीएम फारूक हैदर खान के उस बयान के ठीक बाद जारी किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि वह पीओके के आखिरी प्रधानमंत्री हो सकते हैं।

नासिर खान ने इस पर कहा, ‘रजा फारूक हैदर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने उन्हें साफ संदेश दिया है कि वह पीओके के आखिरी प्रधानमंत्री है। यह साफ तौर पर बताता है कि पाकिस्तान, पीओके को पंजाब प्रांत और कुछ हिस्सों को खैबर पख्तूनख्वा में अवैध रूप से विलय की कोशिश कर रहा है। गिलगित-बाल्टिस्तान के बारे में भी पाकिस्तान का ऐसा ही इरादा है।

पाकिस्तान का अवैध कब्जे वाला कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। यदि पाकिस्तान ने पीओके में मिलाने की कोशिश की तो इसका भयंकर अंजाम होगा और तब भारत के साथ उसकी जंग तय है।

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