लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से खारिज हो गया। विपक्ष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को हटाने को लेकर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को तक तीखी बहस हुई। गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह संदसदीय राजनीति और सदन दोनों के लिए एक अफसोसजनक घटना है क्योंकि स्पीकर जो होते हैं वह किसी दल के नहीं होते है, बल्कि सदन के होते हैं और एक प्रकार से सदन के सभी सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि सदन नियमों से चलता है और सदन के नियम जिसे परमिट नहीं करता है उस हिसाब से यहां किसी को बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा-ये नियम हमारे समय में नहीं बने हैं, ये नियम नेहरू जी के समय से चले आ रहे हैं।
गृहमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया। राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नही ंदेने के विपक्ष के आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सदन में जब भी गंभीर चर्चा की बारी आती है तो नेता प्रतिपक्ष विदेश दौरे पर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि शायद उन्हें विदेश में बोलना ज्यादा पसंद है। इस दौरान संसद खूब हंगामा हुआ। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकसभा में मौजूद थे। कांग्रेस सदस्य के सी वेणु गोपाल ने कहा कि यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया है न कि नेताप्रतिपक्ष के खिलाफ।
राहुल गांधी की सदन में उपस्थिति का ब्योरा देते हुए शाह ने कहा कि 17र्वी लोकसभा में उनकी उपस्थिति 51 फीसदी थी जबकि नेशनल एवरेज 66 फीसदी रहा है। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52 फीसदी थी जबकि नेशनल एवरेज 80 फीसदी था। उन्होंने बताया कि 15वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 43 फीसदी थी जबकि नेशनल एवरेज 76 फीसदी था।
राहुल गांधी पर बोलते हुए गृहमंत्री के बयान में असंसदीय शब्द का इस्तेमाल होने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सांसदों ने जबरदस्त प्रतिरोध किया। इस पर गृहमंत्री ने पीठासीन पदाधिकारी जगदंबिका पाल से अनुरोध किया कि अगर उनके वक्तव्य में कोई असंसदीय शब्द है तो उसे निकाल दिया जाय। दरअसल, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चल रही थी, जिसके के लिए पीठासीन पदाधिकारी के तौर पर जगदंबिका पाल को निुक्त किया गया था। विपक्षी सांसद गृहमंत्री से माफी मांगने को कह रहे थे। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया। इससे पहले प्रस्ताव पर किसी ने वोटिंग की मांग नहीं कराई थी, इसलिए वोटिंग नहीं कराई गई।

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