देश के कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की किल्लत का असर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है जहां वैक्सीन की कमी के चलते 66 सरकारी टीकाकरण केंद्रों में से सिर्फ 25 पर ही वैक्सीनेशन का काम हुआ। हैरानी की बात यह है कि जनपदीय वैक्सीन भण्डार केंद्र पर भी ताला लटका दिखा। वैक्सीन की कमी कब तक पूरी होगी और स्थिति सामान्य होगी यह स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं मालूम है।

कोरोना से लड़ाई में जीत के लिए देश भर में पहले 60 वर्ष से ऊपर तो फिर 1 अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर वालों के लिए कोरोना टीकाकरण का अभियान युद्ध स्तर पर छेड़ा गया। ऐसे में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वैक्सीन की किल्लत की तस्वीर सामने आई। जहां 66 सरकारी टीकाकरण केंद्र वालों अस्पतालों में से 25 को छोड़कर बाकी सभी जगह वैक्सीनेशन ठप हो गया था। शहर के चौकाघाट स्थित जनपद वैक्सीन भंडार केंद्र पर भी ताला लटक गया था तो वहीं नजदीक चौकाघाट राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर तो ढेलवरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी वैक्सीनेशन का काम बंद हो गया। कबीर चौरा महिला अस्पताल में भी लगभग 15-20 मिनट तक के लिए वैक्सीनेशन को रोकना पड़ा।

सप्लाई की कमी का हवाला

इस बारे में जनपद वैक्सीन भंडार चौकाघाट से वैक्सीन वितरण करने वाले स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि लखनऊ से सप्लाई कम है। जिससे कभी सप्लाई मिल पा रही है तो कभी नहीं। चूंकि वाराणसी में खपत भी ज्यादा है। कल से ही दोनों कोवैक्सीन और कोवीशिल्ड दोनों ही खत्म हो गई थी। मंडल लेवल पर भी वाराणसी में वैक्सीन खत्म हो गया है। इसलिए नहीं मिल पा रहा है। पहले जहां 60 केंद्रों पर वैक्सीनेशन होता है, वहीं अब 20-25 केंद्रों पर हो पा रहा है।

चौकाघाट सीएचसी पर वैक्सीन सेंटर पर तैनात नर्सों का कहना है कि अभी वैक्सीन की डोज खत्म हो चुकी है। अगले आदेश तक नहीं लगा पाएगा और आने वाले लोगों को रिक्वेस्ट करके वापस किया जा रहा है। इस बात की जानकारी नोडल ऑफिसर डॉ.एके पांडेय को दे दी गयी है। वहीं ढेलवरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे विजय शाह ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के लिए आए हैं, लेकिन मैडम ने कहा है कि दो दिन बाद आईये। काफी दूर से आए हैं, लेकिन टीका लग नहीं पाया है जिससे काफी मायूसी हांथ लगी है।

चौकाघाट राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की एमएस और प्रिंसिपल प्रो. नीलम गुप्ता ने बताया कि आज के लिए वैक्सीन नहीं मिल पाई इसलिए वैक्सीनेशन नहीं हो पाया। नहीं तो रोज सुबह 10 से शाम 5 बजे तक टीकाकरण होता है। रोजाना साढ़े 4 से 5 सौ लोगों को उनके यहां टीका लगता है। लोगों को समझा-बुझाकर वापस किया गया। इस बारे में सीएमओ से भी बात हुई, उन्होंने कहा कि उपलब्धता कम होने के कारण आपके कॉलेज में वैक्सीन नहीं पहुंच सकी है।

वहीं इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग के वाराणसी के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी जिनके ऊपर पूरे जनपद में वैक्सीन की जिम्मेदारी है डॉ. विजय शंकर राय ने बताया कि लखनऊ में भी वैक्सीन उपलब्ध न होने की वजह से वैक्सीन नहीं मिल पाई है। जिसपर वैक्सीनेशन सेंटर कम करने का आदेश आया है।

वाराणसी में कुल 66 सरकारी सभी तरह के अस्पतालों पर वैक्सीनेशन का काम होता है, लेकिन आज सिर्फ 25 जगहों पर ही वैक्सीनेशन हो पाया है। उम्मीद है कि वैक्सीन जल्द आ जायेगी। उन्होंने जनता से अपील भी की कि धैर्य रखें। भारत सरकार पहले ही वैक्सीन भेज देती है। कभी डिमांड करने की जरूरत ही नहीं पड़ी है। पहले ढाई-तीन हजार लोगों को रोज वैक्सीन लगती थी। लेकिन एक अप्रैल से लगभग 7 हजार लोगों को लगाई जा रही है। वैक्सीन नहीं आयेगी इसका मुझे कोई कारण नजर नहीं आ रहा है कि लेकिन कब तक सबकुछ सुचारू रूप से शुरू हो जायेगा यह कह पाना मुश्किल है।

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