नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसानों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। इस बीच केंद्र सरकार में कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने किसानों से सरकार के साथ बातचीत की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘मैं किसानों से अपील करता हूं कि सरकार के साथ बैठें और किसान बिल संबंधित कानूनों से संबंधित मुद्दों को हल करें।’

साथ ही उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर किसान बिल में कुछ जोड़ना चाहते हैं तो इसकी संभावन अधिक है, लेकिन यह पूर्ण ‘हां या नहीं’ नहीं हो सकता है। एक साथ बैठने से समाधान होता है।

आंदोलनकारी किसान भूख हड़ताल पर

किसान नेताओं ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की और कहा कि सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच, दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे प्रदर्शन से और लोगों के जुड़ने की संभावना है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी रविवार को कहा था कि वह सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से अहम त्यागने और कानूनों को रद्द करने की अपील की थी।

किसानों के एक बड़े समूह ने हरियाणा-राजस्थान सीमा पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर रविवार को दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया था। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के तहत सोमवार को किसानों का देश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना देने का कार्यक्रम है। राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने शहर की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

बीकेयू एकता उग्रहान के नेता भूख-हड़ताल नहीं करेंगे

भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह ने पंजाब के 32 किसान यूनियन के एक दिन के अनशन के फैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि वह भूख हड़ताल नहीं करेंगे। सुखदेव ने पिछले सप्ताह एक कार्यक्रम आयोजित कर गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारी किसान संघों के नेताओं ने कहा है कि वे सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल करेंगे और नए कृषि कानूनों की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिये सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा।

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