श्रीनगर । पुलवामा आत्मघाती हमले का कश्मीर में सक्रिय अंतिम आरोपी समीर डार उर्फ हंजला भाई भी मारा गया है। उसकी मौत को साबित करने के लिए पुलिस अब उसके डीएनए के नमूनों को उसके स्वजनों के डीएनए के नमूनों के साथ मिलाकर देखेगी। यह दावा आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने शनिवार को किया। समीर डार 10 लाख का इनामी आतंकी था।

आइजीपी के विजय कुमार ने समीर डार उर्फ हंजला भाई के मारे जाने का दावा करते हुए कहा कि अनंतनाग में 29-30 दिसंबर की मध्यरात्रि को हुई मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों में एक समीर डार ही है। उन्होंने कहा कि मृतक आतंकी की तस्वीर और समीर डार की उपलब्ध तस्वीर के आधार पर हम मान रहे हैं कि समीर डार मारा गया है। उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए हम उसके डीएनए के नमूनों और उसके स्वजनों के डीएनए के नमूनों की जांच करेंगे। पुलिस ने पहले दावा किया था कि अनंतनाग मुठभेड़ में मुफ्ती अल्ताफ, निसार खांडे और एक पाकिस्तानी आतंकी रईस मारा गया है।

अल्ताफ के शव की पहचान उसके परिजनों ने की थी।समीर डार जैश ए मोहम्मद के उन आतंकियों में एक था जिसने 14 फरवरी 2019 के लेथपोरा में सीआरपीएफ के वाहन पर आत्मघाती हमले की साजिश में अहम भूमिका निभायी थी। लेथपेारा पुलवामा हमले में शामिल आतंकियों में केवल वही एक जिंदा बचा हुआ था। समीर डार आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले आतंकी आदिल डार का चचेरा भाई था। एमएससी की डिग्री हासिल करने वाला समीर डार आइईडी विशेषज्ञ था।

पुलिस ने न इसी वर्ष 31 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के नागबरन तारसर, त्राल में समीर डार को जैश कमांडर अबु इस्माईल उर्फ लंबू भाई उर्फ अल्वी संग मार गिराने का भी दावा किया था। लगभग एक सप्ताह बाद सुरक्षा एजेंसियों को पता चला था समीर डार जिंदा है और लंबू के साथ जो दूसरा आतंकी मारा गया है, वह भी एक पाकिस्तानी आतंकी था।

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