वैसे तो लॉक डाउन हटाने को लेकर राज्यों का रुख साफ होने लगा है। ज्यादातर 14 के बाद भी वे इसे लागू रखना चाहते हैं । विपक्षी सांसदों सहित सत्तारूढ़ दल भी हटाने के इच्छुक नहीं हैं। हो सकता है कि वे चार सौ जिले जो संक्रमण से मुक्त हैं, उनको इससे छूट दी जा सकती है।

पंजाब ने लाकडाउन 30 अप्रैल तक बढाया

शनिवार को प्रधानमंत्री जी से बैठक के पहले ही पंजाब सरकार ने आज अपने यहां लाकडाउन 30 अप्रैल तक बढाने का फैसला किया है। ओडीसा के बाद पंजाब इसे बढाने वाला दूसरा राज्य हो गया है। गौरतलब है कि गुरूवार को ओडीसा के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य मे संक्रमितो को देखते हुए लाकडाउन 30 अप्रैल तक बढाने की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देशव्यापी लॉकडाउन ( lockdown)को आगे बढ़ाने के सवाल पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐसे समय में होने जा रही है जब कई राज्य एवं अनेक विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर 25 मार्च को लागू 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए। मोदी ने बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में विपक्ष समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा था कि कोरोना वायरस के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन एक बार में नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि हर व्यक्ति के जीवन को बचाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि कई राज्य, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिये लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया है। बहरहाल, ओडिशा में इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए राज्य में लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय किया है।

वहीं, प्रधानमंत्री के साथ बुधवार को हुई बैठक के बाद बीजद नेता पिनाकी मिश्रा ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन एक साथ नहीं हटेगा। मिश्रा ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमसे कहा कि कोरोना वायरस से पहले और कोरोना वायरस के बाद का जीवन एक जैसा नहीं होगा।

लॉकडाउन लागू होने के बाद यह दूसरा अवसर है जब प्रधानमंत्री इस विषय पर मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे। इससे पहले 2 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद के दौरान मोदी ने उनसे लॉकडाउन से क्रमवार तरीके से बाहर आने बारे में सुझाव मांगा था। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमण के भारत में अब तक 6412 मामले सामने आए हैं और इसके कारण 199 लोगों की मौत हो चुकी है।

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