ताइपे। ताइवान ने खुली चेतावनी दी है कि अगर चीन उस पर हमला करता है तो उसको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। ताइवान ने कहा कि अगर चीन कई दिनों तक बीजिंग के लड़ाकू विमानों की घुसपैठ के बाद इस आइलैंड पर कब्जा कर लेता है तो इससे ‘क्षेत्रीय शांति के लिए विनाशकारी परिणाम’ होंगे। ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन ने साफ किया है कि अपने आपको बचाने के लिए जो भी करना पड़ेगा, उसे करने से ताइवान नहीं चूकेगा। यही नहीं अमेरिका ने भी चीन को साफ साफ कह दिया कि यदि उसने ताइवान पर कब्जा करने की कोशिश की तो इसके विनाशकारी परिणाम होंगे।

शुक्रवार से अब तक लगभग 150 चीनी लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन है। सोमवार को 56 जेट विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरी, जिसे चीनी आक्रामकता में भारी बढ़ोतरी के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन पर उसी समय से दबाव डाल रहा है। जब वो 2016 में एक ‘स्वतंत्र’ ताइवान की राष्ट्रपति के रूप में चुनी गई थीं।

चीनी मीडिया ने हाल के दिनों में चेतावनी जारी की, जिसमें ये पूछना भी शामिल है कि क्या ऑस्ट्रेलिया युद्ध में ताइवान का साथ देने के लिए तैयार है? गौरतलब है कि ब्रिटेन और अमेरिका के साथ एक नए सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ हफ्ते से चीन के गुस्से का शिकार हो रहा है। दरअसल अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया न्यूक्लियर सबमरीन टेक्नोलॉजी शेयर करने पर सहमत हुए हैं. इसकी वजह से चीन नाराज हो गया है क्योंकि इससे दक्षिण चीन सागर में शक्ति का संतुलन बदल जाएगा।

ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन ने कहा, ‘उन्हें याद रखना चाहिए कि अगर ताइवान पर कब्जा होता है तो परिणाम क्षेत्रीय शांति और लोकतांत्रिक गठबंधन सिस्टम के लिए विनाशकारी होंगे।

राष्ट्रपति त्साई इंग वेन का ये बयान एक ऐसे समय पर सामने आया है, जब चीन ताइवान पर जबरदस्त दबाव बना रहा है। ताइवान अपने आपको एक आजाद लोकतांत्रिक आइलैंड के तौर पर देखता है, लेकिन चीन का मानना है कि ताइवान उसका हिस्सा है।

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