नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे से गुरुवार को स्वदेश लौट आई।विजेता टीम का नायकों जैसा स्वागत हुआ भारतीय क्रिकेटर, ऑस्ट्रेलिया में कोरोना प्रोटोकॉल के चलते मीडिया से दूर ही रहे। इसी कारण बहुत सी बातें भी छिपी रह गईं। अब ये खिलाड़ी भारत लौट आए हैं तो ऑस्ट्रेलिया में उनके खट्टे-मीठे अनुभव भी सामने आने लगे हैं एक ऐसी ही घटना का जिक्र मोहम्मद सिराज ने किया, जब उन्हें भीड़ ने गालियां दी थीं। सिराज ने बताया कि इस घटना के बाद अंपायरों की क्या प्रतिक्रिया थी और कूल कप्तान अजिंक्य रहाणे का क्या जवाब था?

मोहम्मद सिराज ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे और एयरपोर्ट से सीधे वो पिता की कब्र पर फूल चढ़ाने पहुंच गए।. उन्होंने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई भीड़ ने मुझे गाली देनी शुरू कर दी। लेकिन इसने मुझे मानसिक रूप से मजबूत ही बनाया। मेरी मुख्य चिंता थी कि इससे मेरे प्रदर्शन में गिरावट नहीं आनी चाहिए। मेरा काम अपने कप्तान को सूचित करना था कि मेरे साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. मैंने ऐसा किया ।’

सिराज ने बताया, ‘मैंने अपने कप्तान से बताया और उन्होंने अंपायरों को सूचना दी। अंपायरों ने हमसे कहा कि यदि हम चाहें तो मैच बीच में छोड़कर बाहर जा सकते हैं। लेकिन अजिंक्य रहाणे ने कहा कि हम मैदान नहीं छोड़ेंगे। हम खेल का सम्मान करेंगे और ऐसे माहौल में भी डटकर खेलेंगे।

मोहम्मद सिराज ने कहा, ‘यह वक्त (पिता की मौत) मेरे लिए मुश्किल और मानसिक रूप से निराशाजनक था। जब मैंने घर वालों से फोन पर बात की तो उन्होंने मुझे पिताजी के सपने को पूरा करने के लिए कहा। मेरी मंगेतर ने भी मुझे प्रेरित किया। मेरी टीम ने भी मेरा पूरा समर्थन किया। मैंने अपने सभी विकेट उन्हें (पिता) समर्पित कर दिए। मयंक अग्रवाल के साथ मेरा जश्न उन्हें समर्पित था।’

यकीनन यह कप्तान रहाणे का शांत दिमाग ही था, जिसने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने युवा और कम अनुभवी खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाया। खुद मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू किया और वे सीरीज में भारत की ओर से सबसे अधिक विकेट 13 लेने वाले गेंदबाज बन गए।

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