विशेष संवाददाता

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में एक महिला अतिथि विद्वान डॉ. शाहीन खान ने सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवा कर बाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के पास भिजवा दिये हैं।

सिर मुंडवाने के बाद भावुक हुईं डॉ. शाहीन खान

गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन साल भर बीतने के बावजूद उस वायदे पर अमल तो दूर, उसकी मांग करने पर अतिथि शिक्षकों को फालेन आउट नोटिसें भी मिलनी शुरू हो गयी हैं। इसी के विरोध में अतिथि विद्वान पिछले 72 दिनों से भोपाल में धरना दे रहे हैं। बुधवार को उन्हीं में से एक डॉक्टर शाहीन खान ने अपना सिर मुंडवा लिया। मुंडन कराने के बाद डॉ. शाहीन खान ने थोड़ा भावुक होकर कहा कि, चुनाव के पहले कांग्रेस ने हमसे अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था। हमने पूरे एक साल तक इंतजार किया, लेकिन जब कुछ नहीं हुआ, तो हमने सरकार को उसका वादा याद दिलाने के लिए आंदोलन शुरू किया। लेकिन उसके बाद हमें फालेन आउट नोटिसें मिलनी शुरू हो गयीं। हम दो महीने से यहां सर्दी में धरना दे रहे हैं। लेकिन सरकार ने हमारी सुध नहीं ली। हमने बच्चों को पढ़ा कर उनका भविष्य संवारा, लेकिन अब खुद हमारा भविष्य अंधकारमय हो गया है। हम नियमितीकरण का लिखित आदेश मिलने तक धरने से नहीं उठेंगे।

अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवराज सिंह ने कहा कि, बुधवार का दिन अतिथि विद्वानों के लिए काफी दुखद रहा, क्योंकि एक अतिथि विद्वान को अपने केशों का त्याग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि, हम डॉक्टर शाहीन खान के केशों को राहुल गांधी के पास भेजेंगे, ताकि उन्हें पता चल सके कि, मध्य प्रदेश में उनके वायदे का पालन नहीं हो रहा है।

शिवराज ने ली चुटकी, कहा- मुख्यमंत्री जी केश आज भी नारी के सम्मान का प्रतीक

इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कमलनाथ का फरवरी, 2018 का पुराना ट्वीट शेयर करते हुए कहा है कि, मुख्यमंत्री जी, आज भी केश नारी के सम्मान का प्रतीक है। अतिथि विद्वान बहनों ने आपकी सोयी हुई सरकार को जगाने के लिए अपने केश त्यागे। क्या आपको उनकी पीड़ा का अंदाजा है? क्या आपकी नजर में आज प्रदेश शर्मसार हुआ है? क्या आप उनकी भलाई के लिए कोई कदम उठायेंगे?

दरअसल जब शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब कमलनाथ ने एक अतिथि विद्वान के मुंडन कराने पर उनकी सरकार को घेरते हुए उसे दिल को झकझोरने वाली घटना बताया था। गौरतलब है कि, कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इन्हीं अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।

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