राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का अनुमान

नयी दिल्ली। अर्थ व्यवस्था में व‌द्धि की रफ्तार वर्ष 2019-20 में पिछले 11 वर्षों में सबसे धीमी रहने की भविष्यवाणी की गयी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन में कमी, सेवा क्षेत्र की लड़खड़ाहट और निवेश एवं खपत में गिरावट के चलते इस वर्ष सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर मात्र पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। आम बजट पेश होने के लगभग एक माह पूर्व की गयी इस निराशाजनक भविष्यवाणी से वित्त मंत्रालय पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक, पिछले साल जीडीपी विकास दर 6.8 फीसदी थी। यदि यह अनुमान सच निकला, तो यह 2008-09 के बाद सबसे कम विकास दर होगी। वैश्विक मंदी के बाद के उस वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर मात्र 3.1 प्रतिशत थी।
अनुमान के अनुसार, 2019-20 में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में विकास दर पिछले साल के 6.9% की तुलना में दो फीसदी, जबकि अर्थ व्यवस्था का करीब 60% हिस्सा बन चुके सेवा क्षेत्र में विकास दर 7.5% से घटकर 6.9% रहने का अंदेशा है।

3 COMMENTS

  1. There are some interesting cut-off dates on this article but I don’t know if I see all of them center to heart. There is some validity but I will take maintain opinion till I look into it further. Good article , thanks and we would like extra! Added to FeedBurner as well

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