रांची। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में बंद सजायाफ्ता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को एम्स में भर्ती नहीं होने पर उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को उन्हें तिहाड़ जेल लेकर जाना था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें जेल के बदले दूसरे राज्य में ले जाकर सैर-सपाटा कराया। इस बात का खुलासा सुरक्षा में तैनात छह पुलिसकर्मियों के मोबाइल लोकेशन से हुआ है।
सुरक्षाकर्मी योगेंद्र साव को हिमाचल, यूपी और पंजाब घुमाने ले गए थे। मामले में एसएसपी ने दारोगा अनेश्वर सिंह, हवलदार अनिल उरांव और सिपाही गोपाल सिंह, अजय कुमार, दीपनारायण और रामदेव प्रसाद को सस्पेंड किया है। सभी पुलिसककर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया : पुलिस कर्मियों पर आरोप लगा है कि पूर्व मंत्री की सुरक्षा में रहने के बावजूद गाइडलाइन का उल्लंघन किया। हर तीन दिन में दरोगा अनेश्वर सिंह को रांची के सिटी एसपी और जेल अधीक्षक को रिपोर्ट देनी थी, लेकिन उन्होंने नहीं दी। किसी परिस्थिति में अस्पताल में भर्ती नहीं होने पर होटल में रुकने के बाद वहां का लॉग बुक का डिटेल भेजना था, लेकिन वह भी नहीं भेजा। 18 सितंबर को अनेश्वर सिंह से रिपोर्ट मांगी गई थी, इसके बाद भी उन्होंने नहीं दी। इसके बाद रांची पुलिस ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि योगेंद्र साव समेत सभी पुलिसकर्मी दूसरे राज्यों में गए हैं। 

रांची पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पूर्व मंत्री इलाज के नाम दिल्ली में सिर्फ 15 दिन ही रहे। बाकी दिन दूसरे राज्यों में घूमते रहे। इस दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उनके साथ थे। मामले की जांच कर रहे डीएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों से पूछताछ की तो उनका कहना था कि वे लोग दिल्ली में ही थे। कोई भी दिल्ली से बाहर नहीं गया था। वहीं मोबाइल लोकेशन दिल्ली से बाहर दूसरे राज्य का बता रहा है। लोकेशन के सवाल पर कोई भी पुलिसकर्मी कुछ नहीं बोल पाए। अब रांची पुलिस जेल में जाकर योगेंद्र साव से पूछताछ करेगी। 

एक माह की अवधि बढ़ाई गई थी : जेल प्रशासन ने योगेंद्र साव को इलाज कराने के एक माह की अवधि बढ़ा दी थी। पहले इलाज के लिए एक सितंबर से 30 सितंबर तक की अनुमति मिली थी। बाद में अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई। लेकिन, रांची पुलिस ने जब जांच में लापरवाही पकड़ी तो योगेंद्र साव को बीच में ही बुलाकर जेल में बंद कर दिया। पुलिस इन बिंदुओं की भी जांच कर रही है कि योगेंद्र साव मानव तस्कर पन्नालाल के घर गए थे या नहीं। क्योंकि पुलिस को सूचना मिली है कि वे कई बार पन्नालाल के घर गए थे।

पुलिसकर्मियों की क्या-क्या रही लापरवाही

  1. योगेंद्र को तिहाड़ जेल भेजने की जगह होटलों में रखा
  2. हर तीन दिन में देनी थी रिपोर्ट, लेकिन एक दिन भी नहीं भेजी
  3. होटल में रखने के बाद भी नहीं भेजा गया लॉग बुक डिटेल
  4. होटल में रखने से पहले एसपी से अनुमति नहीं ली गई
  5. योगेंद्र साव की हेल्थ की देनी थी जानकारी, पर नहीं दी

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