शिवसेना और बीजेपी के बीच टकराव और तेज हो सकता है। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शिवसेना की सांसद भावना गवली के घर पर छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले को लेकर ईडी ने यह कार्रवाई की है। यवतमाल-वाशिम की सांसद के खिलाफ पुलिस में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने एक्शन लिया है। भावना गवली पर सरकार की ओर से जारी 14 करोड़ रुपये की ग्रांट का बेजा इस्तेमाल करने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इससे पहले रविवार को ही ईडी ने शिवसेना के सीनियर नेता और परिवहन मंत्री अनिल परब को नोटिस जारी किया था।

उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के ही एक और मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। बीते दिनों केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की ओर से उद्धव ठाकरे के खिलाफ बयान दिए जाने के चलते बीजेपी और शिवसेना आमने-सामने आ गए थे। यही नहीं मंगलवार दोपहर को नारायण राणे को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था और देर रात उन्हें महाड़ की एक अदालत ने जमानत दे दी थी। इसके बाद भी दोनों दलों की ओर से टकराव की स्थिति जारी थी। अब शिवसेना के दो नेताओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई ने दोनों दलों के तनाव में और इजाफा कर दिया है।

इससे पहले सोमवार को ही अनिल परब को ईडी का नोटिस मिलने को लेकर संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा था कि यह तो हमारे लिए मेडल की तरह है। आखिर हमें नोटिस ही मिला है, कोई डेथ वॉरंट थोड़ी मिला है। उन्होंने कहा ”हमारे परिवहन मंत्री अनिल परब को ईडी की ओर से अचानक नोटिस मिला था। यह हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। यह डेथ वारंट नहीं है। यह हमारे लिए मेडल है। ईडी ने बेहतरीन अधिकारी को इसमें रखा है। इस तरह के पत्र राजनीति में काम करने वालों को आते रहते हैं।’

उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार बहुत मजबूत है और भाजपा इसे नहीं तोड़ सकती। उन्होंने कहा “सरकार दो साल से सत्ता में है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। ये दीवार नहीं टूटेगी, आप कितनी भी कोशिश कर लें। हम प्रेम पत्र का स्वागत करते हैं। आप कितने भी पत्र भेजें, हमारे लाखों शिव सैनिक तैयार हैं।”

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