नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को एक बार फिर से मोदी सरकार की तारीफ की है। शर्मा ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी बढ़ाया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार एंव राज्य सरकार को एक साथ मिलकर काम करने के लिए बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि संकट के समय देश एकजुट रहा। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी की है और मैं इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को बधाई देता हूं क्योंकि उन्होंने इसके लिए मिलकर काम किया। उस समय देश संकट में था।“

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दूसरी तिमाही में भारत ने वापसी की है। पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था बेहद खराब थी, क्योंकि इसका जीडीपी पर प्रतिकूल प्रभाव  पड़ा। शर्मा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अन्य दो तिमाहियों में भी रिकवरी का संतुलन बना रहेगा। गौरतलब है कि अप्रैल से जून तिमाही में भारत की इकॉनोमी में 23 फीसदी तक की गिरावट आई थी, जबकि सितंबर की तिमाही में यह केवल 7.5  फीसदी थी।

यह पहली बार नहीं है कि जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार की तारीफ की हो। इससे पहले, पिछले दिनों आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैक्सीन की तैयारियों का जायजा लेने की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला की यात्रा से भारतीय वैज्ञानिकों और कोरोना के खिलाफ वैक्सीन का उत्पादन करने के लिए उनके काम को पहचान और मान्यता मिली है। अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा इससे और प्रोत्साहित होंगे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने इस ट्वीट के लिए खेद व्यक्त किया था। उन्होंने दोबारा ट्वीट करते हुए लिखा था कि पहले ट्वीट में लाइनें गलत हो गईं थीं, जिसके परिणामस्वरूप कुछ भ्रम पैदा हो गए थे।

कांग्रेस का आधिकारिक रुख था अलग

वैक्सीन के लिए एसआईआई, भारत बायोटेक और जाइडस कैडिला के दौरे पर कांग्रेस का आधिकारिक रुख आनंद शर्मा के रुख से काफी अलग था। पार्टी ने प्रधानमंत्री के इस कदम को फोटो सेशन करार दिया था। रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि प्रधानमंत्री कंपनियों के दफ्तर में जाकर फोटो खिंचा रहे हैं और लाखों किसान दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

‘असंतुष्ट नेताओं में से एक हैं आनंद शर्मा’

आनंद शर्मा उन 23 असंतुष्ट नेताओं के समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इसमें कांग्रेस के भीतर संगठन के पूर्ण रूप से बदलाव की मांग की गई थी। वहीं, शनिवार को सोनिया गांधी ने आनंद शर्मा सहित सभी असंतुष्टों की एक बैठक की थी, जिसका उद्देश्य मौजूदा संकट को समाप्त करना था।

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