मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायत प्रतिनिधियों को सीख देते हुए कहा है कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कितने गांव में आपने कुछ ना कुछ दे दिया। कुछ कार्य ऐसा करिए कि जिसे आप वास्तव में यह कह सकें कि यह मेरे कार्यकाल का कार्य है। पंचायतीराज संस्थाओं को स्वावलम्बी बनने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को आय बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। सभी पंचायतीराज संस्थाओं (जिला, क्षेत्र, ग्राम) के पास भूमि है। भूमि का वाणिज्यिक प्रयोग कर पंचायतों की आय बढ़ाई जा सकती है। 

मुख्यमंत्री ने यह बातें रविवार को अपने आवास पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 204 करोड़ से 56 जिलों में 2095 किलोमीटर लंबे 748 मार्गों के लोकार्पण के मौके पर कहीं। वहीं पंचायती राज विभाग के माध्यम से 647 करोड़ की लागत से बनने वाली दो हजार किलोमीटर लंबी 1825 सड़कों का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना पंचायतों की आत्मनिर्भरता से साकार होगी। किसी भी जनपद का विशिष्ट उत्पाद किसी गांव से ही सामने आता है। पंचायतीराज संस्थाओं को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अपने क्षेत्र के विशिष्ट उत्पाद को प्रोमोट करने का प्रयास करना चाहिए। इससे विकास के नए आयाम पैदा होंगे, रोजगार बढ़ेगा एवं जन विश्वास भी उत्पन्न होगा। हमारा गांव साफ सुथरा है, यह अपने आप में एक पहचान है। हमारा क्षेत्र पंचायत बेहतरीन तरीके से अपनी कार्यपद्धति को आगे बढ़ा रहा है, हमें इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। 

उदाहरण के साथ समझाया
मुख्यमंत्री ने एक अन्य प्रदेश के सरपंच का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने उनसे पूछा कि आपके पंचायत को कितना पैसा मिलता है, तो उन्होंने बताया, हमें पैसे की आवश्यकता नहीं है। मैंने पूछा कैसे तो  उन्होंने बताया कि हमारा गांव हाईवे से जुड़ा है। हमारी ग्राम पंचायत की जितनी भूमि थी, उसे हमने किसी को कब्जा नहीं करने दिया। तालाब को गंदा नहीं होने दिया। हम हर वर्ष लगभग पांच से सात करोड़ केवल तालाब से कमा लेते हैं। हम इसी पैसे से गांव के कार्य और गरीबों की सहायता में भी करते हैं। हमारा ग्राम पंचायत एक आत्मनिर्भर गांव है। यह कल्पना एक गांव कर रहा है, वह भी भारत का ही एक गांव है। 

जिला पंचायत अध्यक्षों से सीएम ने किया संवाद
मुख्यमंत्री ने पांच जिला पंचायत अध्यक्षों से भी संवाद किया। इसमें शाहजहांपुर, प्रयागराज, सीतापुर, शामली और खीरी जिले के जिला पंचायत अध्यक्षों ने हॉट मिक्स प्लांट से सड़कों के निर्माण पर कहा कि इससे सड़कें और मजबूत होंगीं और कार्य की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी, तो प्रदेश और देश भी आत्मनिर्भर होगा। इसके बाद ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में कोई भी गांव और नौजवान, महिला अपने को बेरोजगार नहीं मान सकते। आप आर्थिक स्वावलंबन का एक नया आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं। 

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