लखनऊ: हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के परिजनों ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात की। मुलाकात के बाद कमलेश की पत्नी किरण तिवारी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की तरफ से आश्वासन मिला है कि उनके साथ न्याय किया जाएगा। किरण ने कहा, ‘हमने हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि हत्यारों को सजा मिलेगी।’

अंतिम संस्कार कराने के लिए हुई थी मशक्कत

इससे पहले शनिवार को प्रशासन को तिवारी के शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद सीतापुर में उनके बड़े बेटे सत्यम तिवारी ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के मद्देनजर महमूदाबाद के बाजार को ऐतिहातन बंद रखा गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बलों की तैनाती कर रखी थी।

बेटे ने कहा- यूपी प्रशासन पर भरोसा नहीं

कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम ने कहा है कि उन्हें उत्तर प्रदेश प्रशासन पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। वहीं, यूपी एटीएस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। महाराष्ट्र और गुजरात एटीएस ने भी इस मामले से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में कातिलों के पीछे चल रही महिला शहनाज से भी यूपी पुलिस ने पूछताछ की है।

शुक्रवार को हुई थी तिवारी की हत्या

तिवारी की शुक्रवार को उनके घर में ही पहले गोली मारी गयी और फिर गला रेत कर हत्या की थी। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहते रहे, लेकिन परिवार मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। लखनऊ मंडल के आयुक्त मुकेश मेश्राम और सीतापुर के डीएम अखिलेश तिवारी की ओर से लिखित आश्वासन के बाद परिवार शनिवार को अंतिम संस्कार करने पर राजी हुआ। कमलेश तिवारी के अंतिम संस्कार में डीएम और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

कमलेश तिवारी के परिवार की मांगें

परिवार को मिले लिखित आश्वासन में बताया गया है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कमलेश तिवारी के परिवार से मिलेंगे। सीएम से मुलाकात के अतरिक्त परिवार की मांगों में NIA द्वारा हत्या की जांच, कमलेश तिवारी के बड़े बेटे सत्यम को सरकारी नौकरी, लखनऊ में आवास, 24 घंटे के अंदर परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराए जाना, लखनऊ में शुक्रवार रात परिजन व कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की जांच, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को अविलंब रिहा करना शामिल है।

11 घंटे तक तनावपूर्ण रही स्थिति

इससे पहले रात करीब 3 बजे शव के महमूदाबाद आने के बाद से ही करीब 11 घंटे से भी अधिक समय तक चली तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिससे निजात लखनऊ के कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम और आइजी जोन एसके भगत के महमूदाबाद आने के बाद मिल सकी। सुबह करीब साढ़े सात बजे एडीएम विनय कुमार पाठक भी एसडीएम बिसवां के साथ महमूदाबाद पहुंचे। उन्होंने भी परिवार को समझाया लेकिन कुछ नहीं हो पाया। कमलेश तिवारी का शव महमूदाबाद लाए जाने पर उनकी मां ने आपत्ति जताई। 

हत्यारे भगवा कुर्ता पहन कर आए थे

हत्यारे भगवा कुर्ता पहने थे और मिठाई के डिब्बे में तमंचा व चाकू लेकर आए थे। हमले से चंद मिनट पहले पान मसाला लेने गया उनका तिवारी का सेवादार जब लौटा तो कमलेश खून से लथपथ मिले और दोनो भगवाधारी हत्या को अंजाम देकर निकल चुके थे। पड़ोसियों की मदद से कमलेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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