नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा है कि प्रदर्शन उनका लोकतांत्रिक अधिकार है,  लेकिन इस दौरान संयम बरता जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून का भारत में रह रहे मुस्लिमों से कोई लेना देना नहीं। उन्होंने साथ ही कहा कि एनआरसी अभी कानून नहीं बना है।  

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून का भारत में रहने वाले मुस्लिमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।इसका असर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश शरणार्थियों पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी में फर्क है। एक नागरिकता संशोधन एक्ट है जो कि कानून बन चुका है और दूसरा एनआरसी है, जिसका अभी ऐलान ही किया गया है। नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुस्लिम शरणार्थी भारत की नागरिकता नहीं ले पाएंगे. इसका भारत में रहने वाले मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं।’

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