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भारत के युवाओं की आकांक्षा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है- प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगजन कौशल योजना पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार में जन भागीदारी की शक्ति का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बजट के बाद होने वाले वेबिनारों की…
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प्रधानमंत्री ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर उन्हें बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के…
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प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया,…
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ट्रंप ने ईरान को चेताया, तेल मार्ग रोका तो बरसेगा कहर
ईरान युद्ध के 11वें दिन मंगलवार को खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने…
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बिहार में बड़े बदलाव की आहट के बीच समृद्धि यात्रा पर नीतीश
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से पहले एक बार फिर जनता…
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“सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार में प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
बजट के बाद वेबिनार की इस सिरीज़ में आज ये चौथा और…
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प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका पर एक लेख साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित…
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प्रधानमंत्री ने नेपाल की जनता और सरकार को चुनावों के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल की जनता और सरकार को देश…
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प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान और संथाल संस्कृति के अनादर की निंदा की
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है। श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है। राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी। प्रधानमंत्री ने X पर लिखा; “यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो निराश है। राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोग बहुत दुःखी हैं। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है। राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इस कार्यालय की पवित्रता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।”