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कोयला मंत्रालय द्वारा दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन
कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता एवं कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे की सह-अध्यक्षता में कोयला मंत्रालय द्वारा दिनांक 8 व 9 अप्रैल, 2026 को कौशल भवन, नई दिल्ली में दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में श्री सुधांशु त्रिवेदी, सांसद, राज्यसभा विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी जी ने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में अपनी बात रख कर हिंदी और देश का गौरव बढ़ाया है, हम सभी को उनसे सीखने की आवश्यकता है। श्री रेड्डी ने यह भी उल्लेख किया कि हिंदी के साथ-साथ अपनी मातृभाषा को भी महत्व दिया जाना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि मंत्रालय को राजभाषा हिंदी के विकास हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य करना होगा। कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि हम हिंदी को केवल राजभाषा के रूप में ही नहीं, अपितु जन-जन की भाषा, ज्ञान की भाषा और भविष्य की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कोयला मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में भी अवगत कराया। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद श्री सुधांशु त्रिवेदी ने भारतीय भाषाओं के अंतर संबंध के बारे में विस्तार से बताया और शब्दों की उत्पत्ति तथा विकास के संदर्भ में अपनी बात रखी। साथ ही, उन्होंने भारतीय संस्कृति के महत्व एवं गौरव पर भी प्रकाश डाला। वार्षिक प्रारूप एवं टिप्पण-लेखन प्रोत्साहन योजना के विजेताओं को मंत्रीगणों के कर-कमलों से शील्ड प्रदान की गई। इस सम्मेलन में कोयला मंत्रालय के ध्येय गीत को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा पर्यावरण आधारित संगीतबद्ध नाट्य प्रस्तुति, भारतीय संस्कृति की झलक को दर्शाते हुए नृत्य प्रस्तुति, कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन के दूसरे दिन श्री बालेंदु शर्मा दाधीच द्वारा ‘हिंदी और तकनीकी दुनियां’, श्री अनिल शर्मा जोशी द्वारा ‘वैश्विक स्तर पर हिंदी की स्थिति और चुनौतियां’ तथा श्री राजेश चेतन द्वारा ‘संवाद की कला’, विषय पर वक्तव्य दिये गए। इस सम्मेलन के समापन सत्र में कोयला मंत्रालय और अधीनस्थ कंपनियों के प्रतिभागियों द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के संबंध में अपने-अपने विचार रखे गए और काव्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, आर्थिक सलाहकार, निदेशक, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारियों और एनएलसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, कोल इंडिया लिमिटेड और सभी अनुषंगी कंपनियों के निदेशक (मानव संसाधन), कोयला खान भविष्य निधि संगठन व कोयला नियंत्रक कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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उन्नत कृषि महोत्सव के तहत रायसेन में भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ 10 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे
मेले में किसानों को “बीज से बाजार तक” समग्र समाधान एक ही…
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केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव विश्व होम्योपैथी दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले दो-दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे
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‘वतन को जानो’ पहल राष्ट्रीय एकता को मजबूत कर रही है: उपराष्ट्रपति…
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Indian Railways transforming connectivity across the Nation : Vaishnaw
Indian Railways has recorded a year of strong and well-rounded progress in…
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जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक, 2026 पारित
संसद ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया…
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गरीब व मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देने की भारतीय रेलवे की हर सम्भव कोशिश: रेल मंत्री
गरीब और मध्यम वर्ग को एक अच्छी सवारी तथा बेहतर अनुभव देना रेलवे की हर सम्भव कोशिश है। इस उद्देश्य के लिए हम सभी मिल कर काम करें। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज देश भर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में ये आह्वान किया। ये बैठक रेल भवन, नई दिल्ली से की गई। रेल मंत्री ने रेल परिवार को पिछले वर्ष में अच्छा काम करने के लिए बधाई देते हुए, बैठक की शुरुआत की। साथ ही नए उत्साह के साथ, इस वर्ष काम करने के लिए अपनी नई प्राथमिकताएँ तय करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल रेल दुर्घटनाओं में आई एतिहासिक कमी और रिकॉर्ड माल ढुलाई ने देश भर में रेलवे की छवि सुधारने का काम किया है। बड़ी संख्या में विशेष ट्रेन चलाकर त्यौहारों के दौरान रेल यात्रा की बढ़ी हुई माँग को भी बड़ी ही प्रभावी तरीके से अधिकारियों ने पूरा किया है। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि रेलवे स्टेशन देश के लोगों के सामने हमारा चेहरा है। वो साफ़ सुथरे होने चाहिए। इस दिशा में देश भर के अधिकारियों को जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में पिछले एक दशक में आधुनिकीकरण के लिए एक रिकार्ड आवंटन हुआ है। अतः अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस आवंटन का उचित उपयोग कर देश भर के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलें। सुनिश्चित करें कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में धन राशि का आवंटन, स्टेशन में जन उपयोगी सुविधाओं का विकास करने में खर्च करें। ताकि सामान्य दिनों में यात्रियों का स्टेशन पर अनुभव और बेहतर किया जा सके। त्यौहारों पर भीड़ को नियंत्रित कर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को बिना किसी भी दिक्कत के पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है ताकि रेल गाड़ियों में चढ़ना सुगम हो सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि इस दिशा में भी आवंटित धन राशि का उपयोग किया जाए। मौजूदा रेलवे प्रोजेक्ट्स में लंबित भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी बैठक में उठा। रेल मंत्री ने जोर देकर कहा कि लंबित भूमि अधिग्रहण द्रुत गति से आगे बढ़ायें। इसके लिए आवश्यक हो तो राज्य सरकारों के राजस्व व वन विभाग के अनुभवी सेवा निवृत्त अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लें। रेल मंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका से जुड़े इस संवेदनशील मामले को एक मानवीय दृष्टिकोण से हल किया जाना आवश्यक है। देश के कई शहरी इलाकों में ये एक बड़ी समस्या है, जिसका समयबद्ध तरीके से निदान जरूरी है। अपनी पिछली बैठक में देश भर में भूमिगत रेल पुलियाएँ बनाने के निर्णय पर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ये तय किया गया कि रेलवे पटरियों को पार करने के लिए अब जहाँ तक हो सके भूमिगत पुलियाएँ ही बनाई जाएँ। धीरे-धीरे हम रेलवे फुटओवर पुलों को कम बनाएँ, बैठक में चर्चा के दौरान ये महसूस किया गया। रेल मंत्री ने कहा, भले ही रेलवे स्टेशन हो या फिर स्टेशन परिसर के बाहर की पटरियाँ, दोनों में ही पहली कोशिश भूमिगत सुविधाजनक पुलिया बनाने की होनी चाहिए। स्वाभाविक है कि पुल चढ़ने के बजाय पुलिया को लोग ज्यादा उपयोग करेंगे। चर्चा के दौरान ये निर्णय लिया गया कि देश के कई हिस्सों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी पुलियाएँ बनवाई जाएँ जो सुविधाजनक हों। पैदल लोगों के साथ साथ ये पुलियाएँ लोगों को साइकिल, स्कूटर व मोटर साइकिल ले जाने में भी सहायक बनें। ज्यादा चौड़ी ऐसी रेल पुलियाएँ भी बनाए जाने का निर्णय लिया गया जिनसे ट्रैक्टर सहित अन्य गाड़ियाँ भी निकल सकें। शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों की अलग अलग जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक रेल पुलियाएँ बन सकें। इस दिशा में सभी अधिकारी प्रयास करेंगे। समय पर रेल चलाने वाले ज़ोन को उनके अच्छे प्रदर्शन पर भी रेल मंत्री ने बधाई दी। देश के उन सभी ज़ोन की भी रेल मंत्री ने प्रशंसा की जिन्होंने 85% से अधिक रेल गाड़ियों को तमाम जमीनी चुनौतियों के बाबजूद समय पर चला कर स्वयं का पुराना प्रदर्शन सुधारा। रेल मंत्री ने दोहराया कि सतत प्रयासों, प्रभावी योजना और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारतीय रेल देशभर के यात्रियों के लिए सुरक्षा, सेवा गुणवत्ता और समग्र यात्रा अनुभव को लगातार बेहतर बनाती रहेगी।